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This Article is From Nov 21, 2016

नोटबंदी में आटा गीला! गेहूं की कीमत बढ़ने से आटा हुआ महंगा

नोटबंदी में आटा गीला! गेहूं की कीमत बढ़ने से आटा हुआ महंगा
नई दिल्ली: नोटबंदी की मार अब धीरे-धीरे लोगों की जेब पर भी पड़ती दिख रही है. दिल्ली में गेहूं की कीमतें बढ़ने से आटे का भाव बढ़ गया है. खाद्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक नोटबंदी के ऐलान के दिन 8 नवंबर को दिल्ली के थोक बाजार में गेहूं 2130 रुपये क्विंटल बिक रहा था, जो 20 नवंबर को बढ़कर 2400 रुपये क्विंटल हो गया यानी 12 दिनों में 270 रुपये क्विंटल महंगा.

जाहिर है जब गेहूं महंगा हुआ तो आटा मिलों ने आटा की कीमतें बढ़ा दीं. आटा के थोक व्यापारी वेद प्रकाश कहते हैं कि नोटबंदी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वेद प्रकाश ने एनडीटीवी से कहा, 'आटा मिलों के पास गेहूं कम है और डिमांड ज्यादा इसलिए हमें मिल वाले महंगा आटा बेच रहे हैं. हम भी खुदरा व्यापारियों को महंगा बेच रहे हैं. नोटबंदी की वजह से हमारा बिज़नेस 40 फीसदी तक घट गया है.'

8 नवंबर को दिल्ली के थोक बाजार में आटा 2300 रुपये क्विंटल बिक रहा था, जो 20 नवंबर को बढ़कर 2700 रुपये क्विंटल हो गया. मतलब कि आटा 12 दिनों में 400 रुपये क्विंटल महंगा हो गया.

जब थोक बाज़ार में कीमतें बढ़ीं तो उसका असर खुदरा व्यापार पर पड़ रहा है. जमरुदपुर में किराना दुकान मालिक विजय कहते हैं, 'पिछले 15 दिनों में आटा की कीमत 22 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 28 रुपये प्रति किलो हो गई है. विजय कहते हैं कि उनके पास कैश कम है, इसलिए हर रोज मंडी जाना पड़ता है.

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