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नोएडा की सबसे ऊंची सड़क: मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों के ऊपर से गुजरेगी चिल्ला-सेक्टर 94 एलिवेटेड रोड

नोएडा की सबसे ऊंची सड़क मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों के ऊपर से गुजरेगी. यह एक एलिवेटिड रोड होगी, जो चिल्ला और सेक्टर 94 को जोड़ेगी. इसके लिए डीपीआर में बदलाव कर लिया गया है.

नोएडा की सबसे ऊंची सड़क: मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों के ऊपर से गुजरेगी चिल्ला-सेक्टर 94 एलिवेटेड रोड
नोएडा की सबसे ऊंची सड़क मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों के ऊपर से गुजरेगी.
  • नोएडा की सबसे ऊंची सड़क मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों के ऊपर से गुजरेगी.
  • यह एक एलिवेटिड रोड होगी जो चिल्ला और सेक्टर 94 को जोड़ेगी. इसके लिए डीपीआर में बदलाव कर लिया गया है.
  • इसके निर्माण में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने इसके DPR में बदलाव किए हैं.
नोएडा:

Chilla-Sector 94 Elevated Road: ​दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित चिल्ला से सेक्टर-94 एलिवेटेड रोड अब एक इंजीनियरिंग अजूबा बनने जा रही है. यह सड़क अब नोएडा की सबसे ऊंची एलिवेटेड रोड के रूप में तैयार होगी. इसके निर्माण में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने इसके DPR में बदलाव किए हैं.

ओखला बर्ड सेंचुरी से आगे तय होगा

​इस 1.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का रूट ओखला बर्ड सेंचुरी के आगे से तय किया गया है, पर इस प्रोजेक्ट में दो चुनौतियां सामने खड़ी है. पहली इस रूट पर पहले से ही मेट्रो लाइन गुजर रही है और दूसरी चुनौती मेट्रो ट्रैक के ठीक ऊपर एक हाईटेंशन बिजली की लाइन भी मौजूद है.

लेकिन अब इसका समाधान निकाल लिया गया है. सड़क को मेट्रो और हाईटेंशन तारों के नीचे से निकालना मुमकिन नहीं था, इसलिए अब इस एलिवेटेड रोड को इन दोनों के ऊपर से सुपर-एलिवेटेड तरीके से क्रॉस कराया जाएगा.

4 मीटर से बढ़ाकर 12 मीटर की गई ऊंचाई

इसके लिए निर्माण में कई बड़े बदलाव करने पड़े है. प्रोजेक्ट के शुरुआती प्लान में इस रोड की ऊंचाई महज 4 मीटर रखी गई थी. लेकिन नई अलाइनमेंट के चलते अब इस पॉइंट पर सड़क की ऊंचाई को बढ़ाकर सीधे 12 मीटर कर दिया गया है. जो पहले की ऊंचाई से तीन गुना ज्यादा है. 

इसका असर 800 मीटर के हिस्से पर पड़ेगा. सड़क को 12 मीटर की ऊंचाई तक ले जाने के लिए ढलान को बेहद संतुलित रखना होगा. इसके लिए 1.5 किमी की कुल लंबाई में से करीब 800 मीटर के हिस्से में आगे-पीछे का लेवल धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा.

1.5 किमी के रोड के लिए 150 करोड़ का बजट था तय

बदलाव का असर सिर्फ स्ट्रक्चर पर नहीं साथ ही बजट पर भी पड़ेगा. जिससे इसके निर्मात का खर्च भी बढ़ेगा. इस प्रोजेक्ट को अप्रैल महीने में सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिल गई थी. उस वक्त 1.5 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को बनाने का अनुमानित बजट 150 करोड़ रुपये तय किया गया था. लेकिन अब पिलर्स की ऊंचाई बढ़ रही है और इंजीनियरिंग का काम बढ़ गया है, इसलिए प्रोजेक्ट का कुल बजट भी बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है.

नई डीपीआर पर मुहर लगते शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

​नोएडा अथॉरिटी के एसएम कपिल सिंह ने इस तकनीकी बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि मेट्रो लाइन के ऊपर मौजूद हाईटेंशन तारों की वजह से ही सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का फैसला लिया गया है और फिलहाल इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बदलाव किया जा रहा है. नई डीपीआर पर अंतिम मुहर लगने के तुरंत बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

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