दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों की सूझबूझ और फुर्ती की वजह से एक सरकारी स्कूल के शिक्षक की जान बच गई. जानकारी के मुताबिक, राजधानी के रानी झांसी फ्लाईओवर से एक शिक्षक ने कथित तौर पर जाने देने की कोशिश करते हुए छलांग लगा दी. हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस फ्लाईओवर की ओर दौड़ पड़े. मौके पर पहुंचने पर दोनों कांस्टेबल ने देखा कि एक व्यक्ति फ्लाईओवर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुका है. हालत नाजुक होने के कारण उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तुरंत एक गुजर रहे ई-रिक्शा को रोका और घायल को उसमें बैठाकर हिंदू राव अस्पताल ले गए.
फ्लाईओवर से कूदकर जान देने की कोशिश
यह मामला 8 जुलाई की शाम करीब 4 बजे का है, जब ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली कि एक शख्स रानी झांसी फ्लाईओवर से कूदकर जान देने की कोशिश कर रहा है. सूचना मिलते ही आजाद मार्केट चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के कांस्टेबल साहिल और अमित बिना देर किए मौके पर पहुंचे. दोनों ने घायल शख्स को तुरंत एक गुजर रहे ई-रिक्शा में बैठाया और इलाज के लिए हिंदू राव अस्पताल पहुंचाया. इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी एसआई सुरेश कुमार और एएसआई बिजू के ने की. साथ ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस को भी तुरंत सूचना देकर जरूरी मदद सुनिश्चित कराई गई.
अस्पताल में भर्ती
घायल की पहचान 45 वर्षीय आनंद कुमार सरोहा के रूप में हुई है. वह दिल्ली सरकार के सर्वोदय बाल विद्यालय, ललिता ब्लॉक, शास्त्री नगर में शिक्षक हैं. प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सेंट स्टीफंस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
पुलिस की तत्परता से बची जान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगर जवानों ने समय रहते तेजी से कार्रवाई नहीं की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ सड़क पर यातायात संभालने का काम ही नहीं करती, बल्कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी या जानलेवा स्थिति में लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली में अब लगेंगे बोरवेल के लिए वाटर मीटर, सरकार तैयार कर रही नई पॉलिसी, हर घर होगा सर्वे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं