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दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा: मकान खाली करने को कहा था तो मार डाला

प्रोफेसर की हत्या और गिरफ्तारी दिल्ली की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक पति, पत्नी और उनके नाबालिग बेटे को गिरफ्तार किया है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा: मकान खाली करने को कहा था तो मार डाला
दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा

DU University Murder Case: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस को रविवार को बड़ी कामयाबी मिली. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पश्चिम बंगाल के बर्धमान से गिरफ्तार कर लिया गया है. पकड़े गए आरोपियों में एक शख्स, उसकी पत्नी और उनका नाबालिग बेटा शामिल है. पुलिस की शुरुआती जांच में इस खूनी खेल की वजह एक पुराना संपत्ति विवाद (Property Dispute) बताया जा रहा है.

जांच में सामने आया है कि आरोपी परिवार साल 2023 से पश्चिम बंगाल के बर्धमान में स्थित मृतका की पैतृक संपत्ति पर रह रहा था. प्रोफेसर लगातार इस परिवार से अपना मकान खाली करने के लिए कह रही थीं, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. हाल ही में जब प्रोफेसर ने मकान खाली करने की आखिरी चेतावनी  दी, तो आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की खतरनाक साजिश रच डाली. आरोपी परिवार मकान खाली करने के बजाय प्रोफेसर की हत्या करने के इरादे से दिल्ली पहुंच गया.

सीसीटीवी फुटेज से खुला आरोपियों का राज

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए बहुत ही शातिर चालें चलीं. दरअसल, पुलिस को घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर बेहद चौंकाने वाले सुराग मिले. फुटेज में संदिग्ध आरोपी बिल्डिंग की सीढ़ियों और लिफ्ट का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिए. खुद को छिपाने के लिए उन्होंने न सिर्फ अपने चेहरे ढक रखे थे, बल्कि वारदात के बाद अपने कपड़े भी बदले थे. इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने अपनी असली पहचान छुपाई और किसी दूसरे व्यक्तियों के पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया.

कत्ल के बाद 'पूर्वा एक्सप्रेस' से हुए फरार

हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत एक टैक्सी किराए पर लेकर मौके से फरार हो गए. वे आनंद विहार होते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे. इसके बाद 3 जून 2026 की शाम करीब 5:40 बजे वे 'पूर्वा एक्सप्रेस' में सवार हुए और अगले दिन 4 जून को बर्धमान पहुंच गए. उन्हें लगा कि वे दिल्ली पुलिस की नजरों से बचकर सुरक्षित निकल चुके हैं, लेकिन पुलिस की टीमें लगातार उनके पीछे लगी हुई थी.

दिल्ली पुलिस ने हवाई सफर कर बर्धमान में दबोचा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत एरोप्लेन से पश्चिम बंगाल के बर्धमान के लिए रवाना हुई. पुलिस ने बर्धमान रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर सीसीटीवी ट्रेल को आगे बढ़ाया, जिससे साफ हुआ कि आरोपी पूर्वा एक्सप्रेस से यहीं उतरे थे. इसके बाद पुख्ता कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों के छिपने के ठिकाने का पता लगा लिया और तीनों को धर दबोचा.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने पुख्ता सबूत बरामद कर लिए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, वारदात के वक्त पहनी गई टोपी, कपड़े और कलाई काटने के लिए इस्तेमाल किया गया ब्लेड भी बरामद कर लिया है. सभी आरोपियों को संबंधित कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें आगे की पूछताछ और तफ्तीश के लिए दिल्ली लाया जा रहा है.

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