दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले में आदर्श नगर थाना पुलिस ने लाल बाग, आजादपुर में हुई हत्या का मामला सुलझा लिया है. दिल्ली पुलिस ने मामले में दो आरोपियों अमन उर्फ मुल्ला और अनुज उर्फ मोनी को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है. दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने करीब 550 किलोमीटर तक उनका पीछा किया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लगातार अपनी जगह बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे.
टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने उनकी लोकेशन का पता लगाया और आखिरकार उत्तराखंड में छप्पर टोल नाका के पास दोनों को पकड़ लिया. उस समय दोनों एक किराए की पंच कार में सफर कर रहे थे. आरोपियों के कब्जे से एक किराए की पंच कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
डीसीपी ने क्या बताया?
डीसीपी नॉर्थ वेस्ट ने बताया कि 12 अगस्त को आदर्श नगर थाने में लाल बाग झुग्गी इलाके में चाकूबाजी और फायरिंग की PCR कॉल मिली थी. सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची.
घायल को आनन फानन में BJRM अस्पताल ले जाया गया. जहां घायल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के मुताबिक, मृतक के पेट और पीठ के हिस्से में गोली के एंट्री और एग्जिट घाव थे. उसकी पीठ पर चाकू से हमला किए जाने का घाव भी मिला.
दिल्ली पुलिस को मामले में साहिल पुत्र नफीस नाम का एक चश्मदीद मिला. उसने बताया कि घटना वाली रात वह मृतक नाबालिग के साथ उसके घर के पास था.
करीब रात 11:30 बजे दोनों पास की एक दुकान पर गए. वहां उनकी मुलाकात अमन उर्फ मुल्ला और उसके एक साथी से हुई. पुलिस के मुताबिक, अमन को साहिब सलमानी ब्रदर गैंग का सदस्य बताया गया है.
दुकान के पास मृतक और अमन व उसके साथी के बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ. पुलिस के मुताबिक, झगड़े के बाद अमन और उसके साथी ने मृतक और साहिल को धमकी दी और वहां से चले गए.
इसके बाद जब मृतक और साहिल वापस अपने घर की तरफ जा रहे थे, तब आरोपी कथित तौर पर दोबारा वहां पहुंचे और फायरिंग कर दी. साहिल वहां से भागने में कामयाब रहा, जबकि मृतक गोली और चाकू लगने से घायल हो गया.
चश्मदीदों के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने चश्मदीद के बयान और मौके से मिले सबूतों के आधार पर आदर्श नगर थाने में FIR दर्ज की. दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 103(1)/109(1)/3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया. क्राइम टीम और FSL टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी सबूत जुटाए.
जिसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई.जांच के दौरान पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया. लगातार कोशिशों के बाद फायरिंग में शामिल दूसरे आरोपी की पहचान अनुज उर्फ मोनी पुत्र मुकेश कुमार के रूप में हुई. जांच में यह भी सामने आया कि अनुज जहांगीर पुरी थाने के एक दूसरे हत्या के मामले में वांछित था.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ह्यूमन इंटेलिजेंस से जानकारी मिली कि दोनों आरोपी हरिद्वार, उत्तराखंड की तरफ चले गए हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर उनकी तलाश शुरू की. आरोपी लगातार अपनी लोकेशन और रास्ते बदल रहे थे. पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और जमीनी जानकारी को जोड़ते हुए उनका पीछा जारी रखा. करीब 550 किलोमीटर की तलाश और पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने उत्तराखंड में छप्पर टोल नाका के पास दोनों को पकड़ लिया.
पकड़े गए आरोपी
दिल्ली पुलिस के अनुसार अमन उर्फ मुल्ला, उम्र 26 साल, लाल बाग, आजादपुर का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक, वह साहिब सलमानी ब्रदर गैंग का सदस्य है और उसके खिलाफ पहले से 6 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं दूसरा आरोपी अनुज उर्फ मोनी, उम्र 20 साल, जहांगीरपुरी का रहने वाला है.
पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह FIR थाना जहांगीर पुरी के एक हत्या के मामले में भी वांछित था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों से एक किराए की पंच कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है. दोनों आरोपियों की पूरी भूमिका, इस घटना में उनकी संलिप्तता और दूसरे आपराधिक मामलों में उनकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है.
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