Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे बी एंड बी होटल में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच होटल मालिक लवकेश बजाज को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. पुलिस जांच में पता चला है कि 60 वर्षीय बजाज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह पहले फर्जी दस्तावेज बनवाने के मामले में गिरफ्तारी झेल चुका है. ताजा मामले में उसे दिल्ली पुलिस ने आगजनी के बाद गिरफ्तार किया है. पुराने केस के सामने आने से जांच एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
आग हादसे के बाद गिरफ्तारी
फ्लरिश स्टे होटल में लगी आग के बाद दिल्ली पुलिस ने बुधवार शाम होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई होटल संचालन में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों के बीच की गई. पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन शुरुआती जानकारी में गंभीर खामियां सामने आई हैं.
फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क में पहले भी पकड़ाया
जांच के दौरान सामने आया कि लवकेश बजाज का नाम पहले भी एक संगठित फर्जी दस्तावेज नेटवर्क में सामने आ चुका है. जनवरी 2025 में पहाड़गंज थाने में दर्ज केस में उसे गिरफ्तार किया गया था. यह मामला बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट उपलब्ध कराने से जुड़ा था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से भी संबंधित गंभीर अपराध माना जाता है.
छापे में मिले कई संदिग्ध दस्तावेज
पुलिस को 29 जनवरी 2025 को मिली सूचना के आधार पर पहाड़गंज इलाके में एक मकान पर छापा मारा गया था. वहां एक बांग्लादेशी परिवार के रहने की सूचना थी. छापे के दौरान दो महिलाएं और एक नाबालिग लड़का मिला, जो वैध भारतीय दस्तावेज पेश नहीं कर सके. तलाशी में दो बांग्लादेशी पासपोर्ट, एक भारतीय पासपोर्ट, कई आधार कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए. जांच में पाया गया कि अलग-अलग नाम और पतों पर बने दस्तावेजों में एक ही व्यक्ति की तस्वीरें इस्तेमाल की गई थीं, जिससे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
बजाज की भूमिका पर पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में लवकेश बजाज की सक्रिय भूमिका सामने आई थी. आरोप है कि वह फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और अवैध रूप से रहने वालों को सुविधा देने में शामिल था. इसी आधार पर उसे धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज से संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया था.
जेल और जमानत के बाद फिर गिरफ्तारी
गिरफ्तारी के बाद बजाज को तिहाड़ जेल भेजा गया था, जहां वह करीब 15 दिन तक बंद रहा. बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई थी. फिलहाल वह मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है. अब होटल अग्निकांड के बाद एक बार फिर उसका नाम कानून के शिकंजे में आया है.
बढ़ सकती है जांच की दिशा
21 लोगों की मौत के बाद पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. अधिकारियों के मुताबिक, मालिक के पुराने रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं सुरक्षा और संचालन में भी गंभीर लापरवाही का कोई पैटर्न तो नहीं रहा.
कई सवालों के घेरे में होटल संचालन
इस घटना के बाद होटल की लाइसेंसिंग, सुरक्षा मानकों और वैधता पर भी सवाल उठने लगे हैं. पुलिस और अन्य एजेंसियां होटल संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं.
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