- नरेश बाल्यान को इस मामले में दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था
- बाल्यान महाराष्ट्र संगठित अपराध निरोधक कानून के तहत आरोपी हैं
- बाल्यान को मंडोली जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को मकोका के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस मनोज जैन ने यह आदेश दिया. जज ने पिछले हफ़्ते इस मामले में फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. बाल्यान दिसंबर 2024 में अपनी गिरफ़्तारी के बाद से ही हिरासत में हैं. उन्हें मंडोली जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है.
यह मामला कथित गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है. नरेश बाल्यान को इस मामले में दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था. बाल्यान महाराष्ट्र संगठित अपराध निरोधक कानून के तहत आरोपी हैं, जो कथित तौर पर कपिल सांगवान उर्फ नंदू द्वारा चलाए जा रहे एक सगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है.
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दाखिल की थी चार्जशीट
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरेश बाल्यान और कई अन्य लोगों के खिलाफ मकोका के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. इस चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि वे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू द्वारा चलाए जा रहे एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो फरार है. कथित तौर पर वह ब्रिटेन में छिपा हुआ है. उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं.
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