दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो).
- सीएम अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक
- कैबिनेट का फैसला इसी साल से लागू किया जाएगा
- भारतीय भाषाओं की अकादमी के अलावा विदेशी भाषा अकादमी भी स्थापित होगी
नई दिल्ली:
दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की कैबिनेट के बड़ा फैसला लेते हुए विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाली राशि को सालाना चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. सीएम अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया.
अब तक विधायकों को सालाना चार करोड़ रुपये अपने क्षेत्र के विकास के लिए मिलते थे. इस राशि में से एक करोड़ रुपये सालाना दिल्ली जल बोर्ड को देना अनिवार्य था क्योंकि वह अपनी सेवाएं देता है. शेष तीन करोड़ रुपये से होने वाले विकास के काम विधायक के विवेक पर निर्भर थे. हालांकि कोई भी एक प्रोजेक्ट दो करोड़ रुपये से ज्यादा का नहीं हो सकता था.
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विधायक लगातार फंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे. लोकसभा चुनाव और फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं. ऐसे में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने विधायक निधि चार करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी.
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दिल्ली विधानसभा को कैबिनेट की बैठक के निर्णय के बारे में सूचित करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी विधायक मांग कर रहे थे कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को बढ़ाया जाए. सिसोदिया ने विधानसभा को बताया, ‘‘कैबिनेट ने विधायक निधि को मौजूदा चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया है.’’
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दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कैबिनेट का फैसला इसी साल से लागू किया जाएगा. सिसोदिया ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी में कई भारतीय भाषाओं जैसे तेलुगु, कश्मीरी, मलयालम, गुजराती समेत अन्य भाषाओं की अकादमी के अलावा विदेशी भाषा अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है.
(इनपुट भाषा से भी)
अब तक विधायकों को सालाना चार करोड़ रुपये अपने क्षेत्र के विकास के लिए मिलते थे. इस राशि में से एक करोड़ रुपये सालाना दिल्ली जल बोर्ड को देना अनिवार्य था क्योंकि वह अपनी सेवाएं देता है. शेष तीन करोड़ रुपये से होने वाले विकास के काम विधायक के विवेक पर निर्भर थे. हालांकि कोई भी एक प्रोजेक्ट दो करोड़ रुपये से ज्यादा का नहीं हो सकता था.
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विधायक लगातार फंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे. लोकसभा चुनाव और फिर दिल्ली विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं. ऐसे में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने विधायक निधि चार करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी.
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दिल्ली विधानसभा को कैबिनेट की बैठक के निर्णय के बारे में सूचित करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सभी विधायक मांग कर रहे थे कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को बढ़ाया जाए. सिसोदिया ने विधानसभा को बताया, ‘‘कैबिनेट ने विधायक निधि को मौजूदा चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया है.’’
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दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कैबिनेट का फैसला इसी साल से लागू किया जाएगा. सिसोदिया ने यह भी बताया कि कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी में कई भारतीय भाषाओं जैसे तेलुगु, कश्मीरी, मलयालम, गुजराती समेत अन्य भाषाओं की अकादमी के अलावा विदेशी भाषा अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है.
(इनपुट भाषा से भी)
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