फाइल फोटो
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र अरमान सहगल की मौत को लेकर दाखिल याचिका का 15 अक्टूबर तक निपटारा करने का इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है. सोमवार को अरमान सहगल के पिता गुलशन सहगल की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को कहा कि इस मामले में 4 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख़ तय की गई है. अगर मामले का निपटारा 4 अक्टूबर को नहीं हो पाता तो 15 अक्टूबर तक मामले का निपटारा कर दें.
अरमान सहगल के पिता गुलशन सहगल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की है. गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लागये जिसमें हाई कोर्ट ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में कहा है कि हाई कोर्ट ने इस बात को अनदेखा किया कि पुलिस घटनास्थल पर 4 घंटे की देरी से पहुंची. तब तक स्कूल प्रबंधन ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और सबूतों को नष्ट किया.
यह भी पढ़ें: रयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के मामले में सीबीआई दायर करेगी चार्जशीट
गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में कहा कि ग़ाज़ियाबाद पुलिस का रवैया असहयोगी और अनप्रोफेशनल है. कई ऐसे बिंदू थे जिसपर पुलिस को जांच करनी चाहिए थी लेकिन पुलिस ने नहीं की. घटना के दिन स्कूल में आरोपी सुबह 3 बजे तक थे और सबूतों को नष्ट कर रहे थे. इस बात की गवाही स्कूल के आस पास रहने वाले लोग देने को तैयार है. सीसीटीवी फुटेज नियम के मुताबिक नहीं थे और कई वीडियो को डिलीट किया गया. कई लोगों के बयान अभी दर्ज करने हैं, जैसे वो स्टाफ जिसने फ्लोर को साफ किया, वो व्यक्ति जो स्कूल के मेडिकल रूम का इंचार्ज था, स्कूल के IT डिपार्टमेंट के जो सीसीटीवी फुटेज की जिम्मेदारी संभालते हैं.
VIDEO: अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
दरअसल इसी साल एक अगस्त की सुबह इंदिरापुरम के जीडी गोयनका स्कूल में छात्र अरमान की फर्श पर गिरने से मौत हो गई थी. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इंदिरापुरम थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. स्कूल के चेयरमैन, प्रधानाचार्य समेत चार ने गिरफ्तारी पर स्टे लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस को जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था.
अरमान सहगल के पिता गुलशन सहगल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग की है. गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लागये जिसमें हाई कोर्ट ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में कहा है कि हाई कोर्ट ने इस बात को अनदेखा किया कि पुलिस घटनास्थल पर 4 घंटे की देरी से पहुंची. तब तक स्कूल प्रबंधन ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और सबूतों को नष्ट किया.
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गुलशन सहगल ने अपनी याचिका में कहा कि ग़ाज़ियाबाद पुलिस का रवैया असहयोगी और अनप्रोफेशनल है. कई ऐसे बिंदू थे जिसपर पुलिस को जांच करनी चाहिए थी लेकिन पुलिस ने नहीं की. घटना के दिन स्कूल में आरोपी सुबह 3 बजे तक थे और सबूतों को नष्ट कर रहे थे. इस बात की गवाही स्कूल के आस पास रहने वाले लोग देने को तैयार है. सीसीटीवी फुटेज नियम के मुताबिक नहीं थे और कई वीडियो को डिलीट किया गया. कई लोगों के बयान अभी दर्ज करने हैं, जैसे वो स्टाफ जिसने फ्लोर को साफ किया, वो व्यक्ति जो स्कूल के मेडिकल रूम का इंचार्ज था, स्कूल के IT डिपार्टमेंट के जो सीसीटीवी फुटेज की जिम्मेदारी संभालते हैं.
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दरअसल इसी साल एक अगस्त की सुबह इंदिरापुरम के जीडी गोयनका स्कूल में छात्र अरमान की फर्श पर गिरने से मौत हो गई थी. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इंदिरापुरम थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. स्कूल के चेयरमैन, प्रधानाचार्य समेत चार ने गिरफ्तारी पर स्टे लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए पुलिस को जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था.
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