
क्रिप्टोकरेंसी की पहली इनसाइडर ट्रेडिंग स्कीम में अमेरिका में दो भारत के दो भाइयों और उनके भारतीय-अमेरिकी दोस्त को आरोपी बनाया गया है. इन आरोपियों ने इस स्कीम से 10 लाख डॉलर से अधिक का अवैध मुनाफा बनाया था. प्रॉसिक्यूटर्स ने बताया कि इन तीनों ने क्रिप्टोकरेंसी इनसाडर ट्रेडिंग स्कीम में लगभग 25 क्रिप्टो एसेट्स में अवैध ट्रेड किए थे.
आरोपियों में से इशान वाही और उसका भाई निखिल वाही के पास भारतीय नागरिकता है और ये सिएटल में रहते थे. इनका दोस्त समीर रमानी ह्युस्टन का निवासी है. न्यूयॉर्क में सदर्न डिस्ट्रिक्ट के अटॉर्नी Damian Williams और फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन के न्यूयॉर्क के फील्ड ऑफिस के प्रभारी Michael J Driscoll ने यह जानकारी दी है. वाही भाइयों और रमानी पर क्रिप्टोकरेंसी में इनसाइडर ट्रेडिंग की एक स्कीम चलाने के लिए धोखाधड़ी और षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं. इन लोगों ने क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase की एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाले क्रिप्टो एसेट्स के बारे में गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल किया था.
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी इन तीनों के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की घोषणा की है. वाही भाइयों को गुरुवार को सिएटल में गिरफ्तार किया गया था और इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. रमानी के भारत में मौजूद हो सकता है. रमानी और इशान वाही ने टेक्सस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और ये दोस्त हैं. Williams ने कहा, "इन आरोपों से पता चलता है कि Web3 एक कानून से मुक्त एरिया नहीं है. पिछले महीने मैंने नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) से जुड़े पहले इनसाइडर ट्रेडिंग मामले की घोषणा की थी और अब क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में ऐसे ही एक मामले की जानकारी दी जा रही है."
उन्होंने कहा, "इन आरोपों के साथ हमारा संदेश स्पष्ट है कि फ्रॉड से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे यह ब्लॉकचेन पर हो या वॉल स्ट्रीट पर किया जाए. फ्रॉड करने वालों को कहीं से भी खोजकर कानूनी कार्यवाही का सामना करने के लिए लाया जाएगा." पिछले कुछ महीनों में क्रिप्टो मार्केट में फ्रॉड से जुड़े कई मामले हुए हैं. इनसे निपटने के लिए बहुत से देशों में रेगुलेटर्स ने इस सेगमेंट की स्क्रूटनी कड़ी करने पर जोर दिया है. कुछ देशों में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए कानून बनाने पर भी काम हो रहा है.