
अमेरिका के बड़े आंत्रप्रेन्योर Mark Cuban का कहना है कि वह मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum पर बुलिश हैं. इससे जुड़ी ब्लॉकचेन के अपग्रेड को अगले महीने रिलीज किया जाएगा. इस अपग्रेड से Ethereum की एनर्जी की खपत में काफी कमी हो सकती है. इसी वजह से Cuban मानते हैं कि इससे इस क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस में तेजी आने की संभावना है.
हालांकि, Cuban ने इसके प्राइस को लेकर को पूर्वानुमान नहीं दिया है. वह मानते हैं कि इस ब्लॉकचेन की उपयोगिता अधिक होने के कारण यह सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin से बेहतर है. वह अब बिटकॉइन को वैल्यू के एक स्टोर के तौर पर देखते हैं जिसका कॉम्पिटिशन गोल्ड के साथ है. ऐसा अनुमान है कि क्रिप्टो सेगमेंट की कुल वैल्यू लॉक्ड (TVL) में Ethereum की हिस्सेदारी लगभग 58 प्रतिशत की है. Ethereum के अपग्रेड को 'Merge' कहा जा रहा है. Ethereum के डिवेलपर्स ने बताया कि इसे 15 सितंबर को लॉन्च किया जा सकता है. इस अपग्रेड के लिए टोटल टर्मिनल डिफिकल्टी (TTD) के एक तय स्तर पर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है. TTD इस ब्लॉकचेन पर फाइनल ब्लॉक के तैयार होने के लिए जरूरी कुल मुश्किल है.
हाल ही में Goerli टेस्ट नेटवर्क पर Merge टेस्टिंग के अंतिम दौर में पहुंचा था. इस ब्लॉकचेन पर 100 अरब डॉलर से अधिक के डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) ऐप्स को सपोर्ट मिलता है और इस वजह से अपग्रेड को लेकर सतर्कता बरती जा रही है. इस प्रोजेक्ट में इससे पहले रुकावटें आ चुकी हैं. Ethereum माइनर्स को ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस का ऑर्डर देने के लिए बड़े सर्वर फार्म्स का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है और कार्बन एमिशन बढ़ता है.
एक अनुमान में बताया गया था कि Ethereum की एक ट्रांजैक्शन की इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल 1,40,893 वीजा क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शंस के बराबर है. यह अपग्रेड होने के बाद Ethereum की ट्रांजैक्शन के लिए ऑर्डर stakers से दिया जाएगा. इस सिस्टम को प्रूफ ऑफ स्टेक कहा जाता है. क्रिप्टो एक्टिविटीज के कारण कुछ देशों में इलेक्ट्रिसिटी की कमी हुई थी. इस समस्या से निपटने के लिए चीन ने पिछले वर्ष क्रिप्टो माइनिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था. कुछ अन्य देशों में भी इसी कारण से क्रिप्टो माइनिंग का विरोध हो रहा है.