Cryptocurrency बाजार में बनी रहेगी लेकिन परंपरागत मुद्रा की जगह नहीं ले पाएगी : पेटीएम के फाउंडर

शर्मा ने उद्योग मंडल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) (ICC) के एक कार्यक्रम को ‘ऑनलाइन' संबोधित करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) असल में सुरक्षित संचार तकनीकों के अध्ययन वाली विधा क्रिप्टोग्राफी पर आधारित मुद्रा है.

Cryptocurrency बाजार में बनी रहेगी लेकिन परंपरागत मुद्रा की जगह नहीं ले पाएगी : पेटीएम के फाउंडर

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के नियमन के लिए भारत में विधेयक लाने की तैयारी चल रही है.

कोलकाता :

वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी पेटीएम (Paytm) के संस्थापक विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) ने गुरुवार को कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर जताई जा रही तमाम आपत्तियों के बावजूद यह आभासी मुद्रा (Virtual Currency) बनी रहने वाली है. शर्मा ने उद्योग मंडल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) (ICC) के एक कार्यक्रम को ‘ऑनलाइन' संबोधित करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) असल में सुरक्षित संचार तकनीकों के अध्ययन वाली विधा क्रिप्टोग्राफी पर आधारित मुद्रा है. उन्होंने कहा, "क्रिप्टो सिलिकॉन वैली की तरफ से वॉल स्ट्रीट को एक जवाब है. मैं इसे लेकर खासा सकारात्मक हूं. कुछ वर्षों में यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके इंटरनेट की तरह मुख्यधारा की प्रौद्योगिकी हो जाएगी."

Cryptocurrency के नियमन के बारे में हम अबतक क्या जानते हैं...कुछ अहम सवालों पर डालिए एक नजर

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के नियमन के लिए भारत में विधेयक लाने की तैयारी चल रही है. इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भी इसके दुरुपयोग को लेकर गहरी आशंका जता चुका है. इस संदर्भ में पेटीएम (Paytm) संस्थापक ने कहा कि इस डिजिटल मुद्रा (Digital Currency) के बारे में इस समय भ्रम की स्थिति है. उन्होंने कहा, "हर सरकार इसे लेकर संशयग्रस्त है. लेकिन अगले पांच वर्षों में यह मुख्यधारा की प्रौद्योगिकी बन जाएगी." हालांकि उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) परंपरागत मुद्रा की जगह नहीं ले पाएगी.

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क्या होगा भारत में क्रिप्टो करेंसी का भविष्य?



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)