
कई देशों के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसीज लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं. चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने भी अपने डिजिटल युआन का ट्रायल शुरू किया था. PBoC इसके ट्रायल में शामिल शहरों की संख्या बढ़ा रहा है. इन शहरों में इस वर्ष एशियन गेम्स की मेजबानी करने वाला Hangzhou भी शामिल है.
इस ट्रायल में प्राइवेसी की सुरक्षा और अपराध को रोकने पर जोर दिया जाएगा. PBoC की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि डिजिटल युआन का ट्रायल 11 शहरों में चल रहा है और जल्द ही इसे और शहरों में शुरू करने की योजना है. प्राइवेट डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की तेज ग्रोथ के मद्देनजर डिजिटल युआन को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है. PBoC का उद्देश्य इस डिजिटल करेंसी के जरिए मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ाना है. इससे पेमेंट सिस्टम की एफिशिएंसी और सेफ्टी में सुधार होगा और जल्द पेमेंट के साथ ही ट्रांजैक्शन की कॉस्ट घटाने में मदद मिलेगी.
PBoC में फाइनेंशियल मार्केट्स के हेड Zou Lan ने इससे पहले बताया था कि इंस्टॉल की संख्या के लिहाज से PBoC का डिजिटल युआन वॉलेट सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऐप्स में शामिल है. उन्होंने कहा था कि चीन की लगभग 20 प्रतिशत जनसंख्या ने यह वॉलेट इंस्टॉल किया है और इसके जरिए लगभग 87.5 अरब युआन की ट्रांजैक्शंस हुई हैं. हाल के दिनों में कुछ देशों ने CBDC लॉन्च करने की योजना पर काम शुरू किया है. क्रिप्टोकरेंसीज की तरह CBDC में वोलैटिलिटी नहीं होती और अन्य रिस्क नहीं होते. अमेरिका में फेडरल रिजर्व CBDC लॉन्च करने की संभावना तलाश रहा है. रूस ने डिजिटल रूबल कही जाने वाली अपनी CBDC की टेस्टिंग शुरू कर दी है.
कैरिबियन देश जमैका की डिजिटल करंसी Jam-Dex जल्द लॉन्च हो रही है. इसकी टेस्टिंग पिछले वर्ष पूरी की गई थी. जमैका के सभी लोगों के पास एक वॉलेट प्रोवाइडर या बैंक के जरिए Jam-Dex तक पहुंच होगी. जमैका की लगभग 17 प्रतिशत जनसंख्या के पास बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच नहीं है. बैंक एकाउंट रखने वाले जमैका के सभी लोग ऑटोमैटिक तरीके से Jam-Dex डिजिटल वॉलेट प्राप्त कर सकेंगे. एक अनुमान के अनुसार, 86 देश अपनी डिजिटल करेंसी डिवेलप कर रहे हैं. इन देशों की संख्या पिछले दो वर्षों में लगभग दोगुनी हुई है. इन देशों में से नौ ने पहले ही CBDC लॉन्च कर दी है और 15 देश इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं.