- साकीनाका में नारंगी चौधरी की मौत को शुरू में आत्महत्या माना गया लेकिन बाद में हत्या साबित हुई.
- मृतका के पिता के संदेह के कारण शव कब्र से निकाला गया और दूसरी पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हुई.
- आरोपी पति सकाराम चौधरी ने अपनी प्रेमिका के साथ रहने के लिए पत्नी की हत्या की योजना बनाई थी.
मुंबई के साकीनाका इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का लगा, लेकिन हकीकत में इसके पीछे बेहद खौफनाक साजिश छिपी थी. एक शख्स ने अपनी प्रेमिका के साथ जिंदगी बिताने के लिए अपनी ही पत्नी की हत्या की सुपारी दे डाली, वो भी 6.70 लाख रुपये में.
सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि शुरुआत में पुलिस जांच भी इस घटना को आत्महत्या ही मान रही थी और केस लगभग बंद होने वाला था. लेकिन मृतका के पिता को बेटी की मौत पर शक हुआ और उसी शक ने इस पूरे मामले की दिशा बदल दी.
आत्महत्या समझकर शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2024 को संघर्ष नगर, साकीनाका में रहने वाली 34 साल की नारंगी उर्फ गीता चौधरी का शव घर के किचन में पंखे से लटका मिला था. मौके के हालात देखकर पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की साफ वजह सामने नहीं आई. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए राजस्थान ले जाया गया, जहां परिवार ने उसे दफना दिया. लेकिन यहीं से कहानी ने मोड़ लिया.
पिता को हुआ शक, कब्र से निकलवाया शव
मृतका के पिता भानाराम चौधरी को अपनी बेटी की मौत पर भरोसा नहीं हुआ. उन्हें शुरू से ही शक था कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है. उन्होंने राजस्थान में शिकायत दर्ज कराई और लगातार दबाव बनाया. आखिरकार, शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. इस बार रिपोर्ट में साफ हुआ कि नारंगी की मौत गला दबाने से हुई थी. यानी यह सीधी-सी हत्या थी.
दो बार फेल हुआ प्लान, तीसरी बार ‘सुपारी'
जांच में सामने आया कि आरोपी पति सकाराम चौधरी इससे पहले भी दो बार पत्नी को मारने की कोशिश कर चुका था. पहली बार पवई इलाके में सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश हुई. दूसरी बार मारपीट कर जान लेने की कोशिश की गई. लेकिन दोनों बार वह नाकाम रहा. इसके बाद उसने तीसरी बार पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की साजिश रची.
6.70 लाख में तय हुई ‘मर्डर डील'
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सकाराम ने अपने दोस्त शंकर डांगी को 6.70 लाख रुपये में पत्नी की हत्या की सुपारी दी. शंकर ने आगे बाबू उर्फ राघव उर्फ अमरचंद गायरी और दिनेश गायरी को इस काम में शामिल किया. 14 अक्टूबर 2024 को आरोपियों ने मिलकर रस्सी से गला दबाकर नारंगी की हत्या कर दी और फिर शव को पंखे से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या लगे.
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चौथी पूछताछ में टूटा आरोपी
शुरुआत में कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण मामला ठंडा पड़ गया था. लेकिन दोबारा पोस्टमार्टम के बाद साकीनाका पुलिस ने केस को फिर से खोला. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति से पूछताछ शुरू की. तीन बार वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन चौथी बार सख्ती के बाद वह टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली.
प्रेमिका के लिए रची गई साजिश
पूछताछ में सामने आया कि सकाराम का डिंपल चौधरी नाम की महिला से अफेयर था और वह उसके साथ रहना चाहता था. पत्नी इस रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा थी, इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची.
4 आरोपी गिरफ्तार
साकीनाका पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. सकाराम चौधरी (पति), शंकर डांगी, बाबू उर्फ राघव उर्फ अमरचंद गायरी, दिनेश गायरी.
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