सुनंदा पुष्कर की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पटियाला कोर्ट में अपनी चार्जशीट दायर की. 3000 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में पुलिस ने कांग्रेस के नेता और सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को संदिग्ध आरोपी बताया है.गौरतलब है कि पुलिस ने 4 साल बात इस मामले में अपनी चार्जशीट दायर की है. आइये जानते हैं आखिर बीते 4 वर्षों में इस मामले में कब क्या-क्या हुआ है.
- जनवरी 2014 के दूसरे हफ्ते में तिरुवनंतपुरम से दिल्ली की एयर इंडिया की फ्लाइट में सुनंदा और शशि थरूर के बीच मारपीट हुई
- सुनंदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि उसके पति का पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से अफेयर चल रहा है
- 16 जनवरी को सुनंदा ने वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह को फोन कर बताया की वो थरूर के बारे के कुछ खुलासा करेंगी
-17 जनवरी 2014 की रात करीब 7:45 मिनट पर केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने एसएचओ सरोजिनी नगर को फ़ोन कर बताया कि उनकी पत्नी की मौत हो गई है
- पुलिस की टीम होटल लीला के कमरा नम्बर 345 में पहुँची और सुनंदा पुष्कर के शव को एम्स शिफ्ट किया गया
- जांच के सीएफएसएल टीम को भी बुलाया गया
- सुनंदा का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने तब चौंका दिया जब उन्होंने कहा कि सुनंदा की मौत अचानक हुई है और सामान्य मौत नहीं है
- शशि थरूर ने बताया कि सुनंदा लूपस नाम की बीमारी से जूझ रहीं थीं और उनका इलाज केरल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा है
- चूंकि सुनंदा की शादी को 7 साल नहीं हुए थे इसलिए इस मौत की जांच एसडीएम कर रहे थे
-एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस मामले की और जांच की जरूरत है क्योंकि सुनंदा की मौत किसी ज़हर से हुई है
-23 जनवरी को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी
- लेकिन 25 जनवरी को केस की जांच वापस स्थानीय पुलिस के पास आ गया
- 2 अप्रैल 2014 को डीसीपी साउथ ने जॉइंट सीपी को पत्र लिखकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए
- सितंबर 2014 में दिल्ली पुलिस को सीएफएसएल से सुनंदा की विसरा रिपोर्ट मिली और एम्स से फाइनल रिपोर्ट मिली,जिसमें कहा गया कि सुनंदा के मौत का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन उसकी मौत किसी ज़हर से हुई है,हो सकता है कि ये कोई रेडियोएक्टिव ज़हर हो
- रिपोर्ट में सुनंदा के शरीर में चोटों का भी ज़िक्र किया गया ,कहा गया कि सुनंदा के शरीर में जो 10-12 चोट के निशान हैं वो मौत के पहले के हैं और गहरे नहीं हैं
- रिपोर्ट में कहा गया कि सुनंदा के बाएं हाथ की उंगलियों के बीच एक इंजेक्शन लगाने का निशान भी मिला
-1 जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया और इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी बना दी
-एसआईटी ने शशि थरूर से 3 बार पूछताछ की और उनका लेपटॉप,आईफोन और ब्लैकबेरी फ़ोन सीज कर जांच के लिए सीएफएसएल भेज दिया था.
-21 जनवरी 2015 को पुलिस ने शशि थरूर के 6 करीबी लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया, जिसमें उनका घरेलू कर्मचारी नारायण सिंह,ड्राइवर बजरंगी और एक करीबी दोस्त संजय दीवान शामिल था
- फरवरी 2015 में दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर का विसरा सैंपल और होटल के मिले दूसरे सबूत जांच के लिए अमेरिका की एफबीआई लैब में भेजे
- जून 2015 सुनंदा का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन पर झूठी रिपॉर्ट देने के लिए दबाब बनाया जा रहा है
- नवंबर 2015 दिल्ली पुलिस को एफबीआई से सुनंदा पुष्कर की विसरा रिपोर्ट मिली ,जिसमें कहा गया कि मौत सामान्य नहीं है, किसी ज़हर से हुई है लेकिन रेडियोएक्टिव ज़हर नहीं.
- जनवरी 2016 में एम्स ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की जिसमें कहा गया कि सुनंदा की मौत ज़हर से हुई और ये जहर एलपरेक्स को गोलियों से हो सकता है या जो इंजेक्शन का निशान है उससे लिया ज़हर हो सकता है.
- 18 जुलाई 2016 ने पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार को मेल भेजकर कई सवाल पूछे,उसने थरूर से किसी तरह के रिश्ते से इनकार किया.
VIDEO: शशि थरूर को पुलिस ने मांगा आरोपी.
- 19 अगस्त 2017 को सीएफएसएल की टीम ने लीला होटल का दुबारा निरीक्षण किया
-16 अक्टूबर 2017 को होटल लीला का कमरा नम्बर 345 लंबे समय बाद डी सील किया गया
- इस साल जनवरी के महीने में पुलिस ने शशि थरूर का फोरेंसिक साइक्लोजिकल प्रोफाइल कराया
- जनवरी 2014 के दूसरे हफ्ते में तिरुवनंतपुरम से दिल्ली की एयर इंडिया की फ्लाइट में सुनंदा और शशि थरूर के बीच मारपीट हुई
- सुनंदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि उसके पति का पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से अफेयर चल रहा है
- 16 जनवरी को सुनंदा ने वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह को फोन कर बताया की वो थरूर के बारे के कुछ खुलासा करेंगी
-17 जनवरी 2014 की रात करीब 7:45 मिनट पर केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने एसएचओ सरोजिनी नगर को फ़ोन कर बताया कि उनकी पत्नी की मौत हो गई है
- पुलिस की टीम होटल लीला के कमरा नम्बर 345 में पहुँची और सुनंदा पुष्कर के शव को एम्स शिफ्ट किया गया
- जांच के सीएफएसएल टीम को भी बुलाया गया
- सुनंदा का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने तब चौंका दिया जब उन्होंने कहा कि सुनंदा की मौत अचानक हुई है और सामान्य मौत नहीं है
- शशि थरूर ने बताया कि सुनंदा लूपस नाम की बीमारी से जूझ रहीं थीं और उनका इलाज केरल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा है
- चूंकि सुनंदा की शादी को 7 साल नहीं हुए थे इसलिए इस मौत की जांच एसडीएम कर रहे थे
-एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस मामले की और जांच की जरूरत है क्योंकि सुनंदा की मौत किसी ज़हर से हुई है
-23 जनवरी को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी
- लेकिन 25 जनवरी को केस की जांच वापस स्थानीय पुलिस के पास आ गया
- 2 अप्रैल 2014 को डीसीपी साउथ ने जॉइंट सीपी को पत्र लिखकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए
- सितंबर 2014 में दिल्ली पुलिस को सीएफएसएल से सुनंदा की विसरा रिपोर्ट मिली और एम्स से फाइनल रिपोर्ट मिली,जिसमें कहा गया कि सुनंदा के मौत का कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन उसकी मौत किसी ज़हर से हुई है,हो सकता है कि ये कोई रेडियोएक्टिव ज़हर हो
- रिपोर्ट में सुनंदा के शरीर में चोटों का भी ज़िक्र किया गया ,कहा गया कि सुनंदा के शरीर में जो 10-12 चोट के निशान हैं वो मौत के पहले के हैं और गहरे नहीं हैं
- रिपोर्ट में कहा गया कि सुनंदा के बाएं हाथ की उंगलियों के बीच एक इंजेक्शन लगाने का निशान भी मिला
-1 जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया और इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी बना दी
-एसआईटी ने शशि थरूर से 3 बार पूछताछ की और उनका लेपटॉप,आईफोन और ब्लैकबेरी फ़ोन सीज कर जांच के लिए सीएफएसएल भेज दिया था.
-21 जनवरी 2015 को पुलिस ने शशि थरूर के 6 करीबी लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया, जिसमें उनका घरेलू कर्मचारी नारायण सिंह,ड्राइवर बजरंगी और एक करीबी दोस्त संजय दीवान शामिल था
- फरवरी 2015 में दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर का विसरा सैंपल और होटल के मिले दूसरे सबूत जांच के लिए अमेरिका की एफबीआई लैब में भेजे
- जून 2015 सुनंदा का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन पर झूठी रिपॉर्ट देने के लिए दबाब बनाया जा रहा है
- नवंबर 2015 दिल्ली पुलिस को एफबीआई से सुनंदा पुष्कर की विसरा रिपोर्ट मिली ,जिसमें कहा गया कि मौत सामान्य नहीं है, किसी ज़हर से हुई है लेकिन रेडियोएक्टिव ज़हर नहीं.
- जनवरी 2016 में एम्स ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की जिसमें कहा गया कि सुनंदा की मौत ज़हर से हुई और ये जहर एलपरेक्स को गोलियों से हो सकता है या जो इंजेक्शन का निशान है उससे लिया ज़हर हो सकता है.
- 18 जुलाई 2016 ने पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार को मेल भेजकर कई सवाल पूछे,उसने थरूर से किसी तरह के रिश्ते से इनकार किया.
VIDEO: शशि थरूर को पुलिस ने मांगा आरोपी.
- 19 अगस्त 2017 को सीएफएसएल की टीम ने लीला होटल का दुबारा निरीक्षण किया
-16 अक्टूबर 2017 को होटल लीला का कमरा नम्बर 345 लंबे समय बाद डी सील किया गया
- इस साल जनवरी के महीने में पुलिस ने शशि थरूर का फोरेंसिक साइक्लोजिकल प्रोफाइल कराया
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Sunanda Case