बुधवार को कोच्चि में आयोजित हुई वीमेंस प्रीमियर लीग की मिनी ऑक्शन में अलग इतिहास रचा गया. बेंगलुरु की 15 साल की उमा काशवी लीग के इतिहास में बिकने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं. और जैसे ही टीवी पर उनकी बिक्री की खबर चली, तभी से लेकर अभी तक उमा काशवी और उनके चाचा और मेन्टॉर विजय के फोन की घंटी बद होने का नाम नहीं ले रही है. और कॉल करने वालों में दोस्त, रिश्तेदारों के अलावा भारतीय क्रिकेटर श्रेयंका पाटिल, जेमिमा रॉड्रिगेज, वेदा कृष्णामूर्ति और शांता रंगास्वामी भी हैं, जिन्होंने समय-समय पर अपने तरीके से काशवी की हौसलाअफजाई की है. 15 साल की उमा काशवी को दिल्ली कैपिटल्स ने उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये पर खरीदा है. और इसी के साथ ही उन्होंने 15 साल की उम्र में लीग में बिकने के वैभव सूर्यवंशी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. वैभव सूर्यवंशी को भी पहली बार इतनी ही उम्र में राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा था. काशवी के अंकल विजय ने NDTV से बातचीत में कहा, "हमारा पूरा परिवार इस उपलब्धि पर बहुत ही खुश और भावुक है. यह हमारे पिछले कई सालों से की जा रही कड़ी मेहनत का फल है. मैंने बचपन से ही काशवी के भाई, अंकल और मेन्टॉर की भूमिका निभाई है. और जब सफलता कुछ इस तरह से आती है, तो यह मुझे बहुत भी भाव-विभोर कर दे रही है."

(काशवी मैदान पर अपने चाचा और मेन्टॉर विजय के साथ फोटो: NDTV Exclusve)
फैंस उन्हें WPL का वैभव सूर्यवंशी करार दे रहे हैं? इस पर विजय ने कहा, 'मैं नहीं जानता कि वह आईपीएल की वैभव सूर्यवंशी है या नहीं, लेकिन मैं यह जानता हूं कि वह टैलेंटेड है और उसकी यूएसपी यह है कि वह बहुत ही फास्ट लर्नर है. उसने छह-सात साल की उम्र से ही क्रिकेट में बहुत ज्यादा रुचि दिखाना शुरू कर दिया था. और घर में या पार्क में वह बिल्कुल किसी सधे हुए एक पेशेवर बल्लेबाज की तरह शॉट खेलती थी. क्रिकेट के हर पहलू को वह बहुत तेजी से आत्मसात कर रही थी और इसी के बाद हमने उसे अकादमी भेजने का निर्णय लिया.' एक आईटी कंपनी में काम कर रहे विजय ने बताया, 'इसके बाद मैं उसे लगभग रोज सॉफ्ट-बॉल से तेज गेंदबाजी करता था. और यह सिलसिला भी भी जारी है. और इन गेंदों पर वह सही तरह से ड्राइव, कट और पुल की घंटों प्रैक्टिस करती थी. चाचा ने यह भी कहा कि वह क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने के लिए वह आठवी क्लास के बाद से ही घर से पढ़ाई कर रही, लेकिन इसके बावजूद उसने इसका असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया.'
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हर रोज 3000 कदम और 30 ओवर
उन्होंने कहा, 'पिछले कई सालों से मेरा पूरा ध्यान उसे शारीरिक रूप से फिट बनाने पर था. मैंने उसे साफ-साफ कह दिया था कि अगर उसे अच्छे स्तर पर क्रिकेट खेलना है, तो पहले फिटनेस पर गंभीरता से काम करना होगा. इसके बाद काशवी ने हर दिन फिटनेस पर कड़ी मेहनत की. इसमें हर दिन करीब ढाई किलोमीटर की रनिंग शामिल था. इसके तहत उसे अनिवार्य रूप से 3000 कदम करने ही थे. फिर जिम में कड़ी ट्रेनिंग और फिर शाम को 4 से 6:30 बजे तक अकादमी में उसका ग्रुप सेशन होता था. उसके बाद, मैं हर दिन उसे साइड-आर्म से 30 ओवर गेंदबाजी करता था. पहले एक साल तक ऐसा एक भी दिन नहीं गया जब उसके शरीर पर गेंद लगने का कोई निशान न हो.'
189* रन की पारी, दिग्गज भारतीय क्रिकेटर ने दिया भरोसा
विजय ने बताया कि भारत की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने एक बार उसकी बैटिंग देखी और हमें बुलाकर काशवी पर अच्छी तरह काम करने को कहा. विजय ने कहा, 'यह ईश्वर का आर्शीवाद है कि दिग्गज भारतीय क्रिकेटरों ने काशवी में भरोसा जताया. साल 2021 में कर्नाटक में हुए निप्पन कप टूर्नामेंट में पहली बार काशवी ने अपनी बैटिंग से सीनिय खिलाड़ियों का कॉन्फिडेंस जीता. वहीं, एक बार सीनियर खिलाड़ियों के प्रैक्टिस मैच में काशवी ने जब बिना आउट हुए 189 रन बनाए, तो इस पारी के बाद टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों का काशवी को लेकर पूरा नजरिया ही बदल गया, तो काशवी की इस पारी की गूंज बेंगलुरु सहित वीमेंस घरेलू क्रिकेट में गई. यहां से भारतीय खिलाड़ी वेदा कृष्णामूर्ति और जेमिमा रॉड्रिगेज ने अलग-अलग तरह से, बातों से हमेशा काशवी का हौसला बढ़ाया. और आज अगर काशवी पर दिल्ली ने दांव लगाया है, तो यह उसका मिला-जुला परिणाम है.'
'जरूरत पर विकेटकीपिंग भी कर सकती हैं'
अंकल विजय ने कहा, 'काशवी नौ साल की उम्र तक विकेटकीपिंग ही करती थी. तब उसे लगता था कि टीम इंडिया में धोनी की तरह अच्छे विकेटकीपर-बल्लेबाज होने से उसे काफी फायदा मिल सकता है, लेकिन समय गुजरने का साथ वह ऑफ स्पिन बॉलिंग करते हुए ऑलराउंडर बन गई, लेकिन अगर दिल्ली कैपिट्ल्स अगले सीजन में उसे बतौर सेकेंड विकेटकीपर के रूप में भी तैयार करती है, तो यह अच्छी बात होगी. वह एक अच्छी विकेटकीपर भी है. मैं उसे अगले सीजन में खेलते देखना पसंद करूंगा. हमारा पूरा परिवार उसे दिल्ली के लिए खेलता देखने के लिए बहुत ही ज्यादा उत्साहित है. देखते हैं कि आगे क्या होता है.'
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