WPL 2026 Final; DC vs RCB: विमेंस प्रीमियर लीग 2026 अपने सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुकी है. टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला आज वडोदरा में खेला जाएगा, जहां दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आमने-सामने होंगी. इस मुकाबले की सबसे खास बात दोनों टीमों की कप्तान हैं. जेमिमा रोड्रिग्स और स्मृति मंधाना, जो मैदान के बाहर अच्छी दोस्त हैं, लेकिन मैदान के अंदर खिताब के लिए एक-दूसरे की सबसे बड़ी चुनौती बनेंगी.
हेड-टू-हेड में दिल्ली का पलड़ा भारी
दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच अब तक कुल नौ मुकाबले खेले गए हैं. इनमें से दिल्ली ने छह मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि बेंगलुरु की टीम तीन बार विजयी रही है. आंकड़े बताते हैं कि आमने-सामने की भिड़ंत में दिल्ली का दबदबा रहा है.
हालिया फॉर्म में दोनों टीमें मजबूत
दोनों टीमें फाइनल से पहले अच्छी लय में नजर आ रही हैं. दिल्ली कैपिटल्स ने अपने पिछले पांच मैचों में चार जीत दर्ज की हैं, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में आत्मविश्वास के साथ कदम रखा है.
दिल्ली कैपिटल्स चौथी बार फाइनल में, क्या इस बार टूटेगा सूखा?
दिल्ली कैपिटल्स लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद अब तक खिताब जीतने में नाकाम रही है. टीम वर्ष दो हज़ार तेईस, चौबीस और पच्चीस में फाइनल तक पहुंची, लेकिन ट्रॉफी हाथ नहीं लगी.
फाइनल तक के सफर की बात करें तो दिल्ली ने लीग चरण में तीसरे स्थान पर रहते हुए एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स को हराया और फाइनल में जगह बनाई.
दिल्ली कैपिटल्स की ताकत क्या है?
शफाली वर्मा और लिज़ेल ली की ओपनिंग जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है. टीम के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई है. कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने इस सीजन खुद को एक परिपक्व लीडर के रूप में साबित किया है.
दिल्ली कैपिटल्स के लिए चिंता की वजह
दिल्ली को बार-बार फाइनल हारने का मानसिक दबाव झेलना पड़ता है. इसके अलावा डेथ ओवरों में गेंदबाजी कभी-कभी टीम के लिए परेशानी बनती रही है.
एक्स-फैक्टर खिलाड़ी
वेस्टइंडीज की तेज गेंदबाज चिनेल हेनरी दिल्ली के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकती हैं.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: डिफेंडिंग चैंपियन की नजर दूसरे खिताब पर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्ष दो हज़ार चौबीस की चैंपियन है और इस बार भी टीम खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी. फाइनल तक के सफर की बात करें तो बेंगलुरु ने लीग चरण में शीर्ष स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई किया.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ताकत
स्मृति मंधाना की अगुआई में टीम की शुरुआत बेहद संतुलित रहती है. बल्लेबाजों को स्पष्ट भूमिका मिली हुई है और गेंदबाजी आक्रमण में विविधता देखने को मिलती है.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए चिंता की वजह
अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है. कुछ मुकाबलों में आखिरी ओवरों की गेंदबाजी भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी है.
एक्स-फैक्टर खिलाड़ी
इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल अपनी रफ्तार और कसी हुई गेंदबाजी से मैच का रुख पलटने की क्षमता रखती हैं.
फाइनल से पहले बड़ा सवाल यह है की क्या दिल्ली कैपिटल्स वर्षों से चला आ रहा फाइनल का सूखा खत्म कर पहली बार खिताब जीतेगी, या क्या फिर स्मृति मंधाना की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु लगातार दूसरा खिताब अपने नाम करेगी.
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