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BCCI Award Ceremony: कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया क्या थी वो अहम रणनीति जिसने किया कमाल, चैंपियन बनने की पहले ही हो गई थी तैयारी

Suryakumar Yadav in BCCI Award Ceremony: कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, बहुत सारे उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन तब आपको खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा भरोसा और विश्वास दिखाना होता है, और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जब हमने वह नया चक्र शुरू किया, तो हम यही करना चाहते थे.

BCCI Award Ceremony: कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया क्या थी वो अहम रणनीति जिसने किया कमाल, चैंपियन बनने की पहले ही हो गई थी तैयारी
Suryakumar Yadav in BCCI Award Ceremony:

Suryakumar Yadav in BCCI Award Ceremony: बतौर कप्तान भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जिताने वाले सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि हालिया खिताब जीत की नींव टीम के चयन में कम से कम बदलाव करने की सोची-समझी रणनीति और खिलाड़ियों के एक तय ग्रुप पर अटूट भरोसे पर टिकी थी. नई दिल्ली में आयोजित बीसीसीआई अवॉर्ड्स समारोह में एक पैनल चर्चा के दौरान सूर्यकुमार ने उस सोच को सामने रखा जिसने दो साल तक टीम के सावधानीपूर्वक प्रबंधन को आधार दिया. उन्होंने कहा, "देखिए, यह उतना मुश्किल नहीं था. मुझे लगता है कि 2024 में राहुल सर के नेतृत्व में हमने जहां से शुरुआत की थी, तब से ही हम जानते थे कि हमें खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा भरोसा और विश्वास दिखाने की जरूरत है. कभी-कभी खेल में, आपके आस-पास हमेशा अच्छी चीजें होती हुई नहीं दिखतीं.

बहुत सारे उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन तब आपको खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा भरोसा और विश्वास दिखाना होता है, और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए जब हमने वह नया चक्र शुरू किया, तो हम यही करना चाहते थे. तब से टी20 वर्ल्ड कप आने तक, हमने कोशिश की कि हम कम से कम बदलाव करें.

उन्होंने कहा, "जब आप इस तरह के किसी बड़े टूर्नामेंट में आते हैं, तो मुझे लगता है कि उन खिलाड़ियों के साथ खड़े रहना बहुत जरूरी है जिन्होंने पिछले दो वर्षों में आपके लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए आपको उनके साथ बने रहना होता है. हम हमेशा जानते थे कि हमने एक सुपर टीम बनाई है. जैसा कि गौती भाई हमेशा कहते हैं कि हमने एक सुपर टीम बनाई है, हमने एक सुपर टीम चुनी है, तो चलिए हम उन्हीं के साथ बने रहते हैं."

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यूएसए के खिलाफ भारतीय टीम का बैटिंग क्रम पूरी तरह से ढह गया था, जिसके बाद भारतीय कप्तान ने 84 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा.

कप्तान ने कहा, "आपने बिल्कुल सही कहा कि टूर्नामेंट में उतरते समय हम ही खिताब के सबसे बड़े दावेदार थे. लेकिन साथ ही, जब आपको पता होता है कि आप अपने ही देश में, अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने जा रहे हैं, तो हां, उत्साह तो होता ही है. दबाव भी बहुत ज्यादा था. हम काफी घबराए हुए थे, और आपने यह पहले मैच में देखा ही होगा जब हमने यूएसए के खिलाफ खेलना शुरू किया था. लेकिन दबाव बहुत ज्यादा था. जब आप अपने घर पर खेलते हैं, तो दबाव बहुत ज्यादा होता है."

टी20 क्रिकेट में मैच का रुख कितनी तेजी से बदल सकता है, इस पर सूर्यकुमार का अंदाज काफी दार्शनिक था. "मेरा मतलब है, 10-15 मिनट भी काफी लंबा समय होता है. आप जिस बदलाव की बात कर रहे हैं, वह तो एक ओवर में ही हो जाता है. लेकिन हमने अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने की कोशिश की, अपना पूरा जोर लगाया, और चीजों को जितना हो सके, उतना आसान रखने की कोशिश की. मुझे लगता है कि लड़कों ने मेरे लिए यही किया."

2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स में क्रिकेट के शामिल होने के साथ, सूर्यकुमार ने आईसीसी ट्रॉफियों के अपने बढ़ते कलेक्शन में एक ओलंपिक गोल्ड जोड़ने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को छिपाया नहीं. उन्होंने कहा, "मेरा मतलब है, यह बहुत अच्छी बात है कि एक बड़ा इवेंट हो रहा है, और क्रिकेट को उसमें एंट्री मिल रही है. बेशक, यह एक खास बात होगी. उस साल दो इवेंट हैं. उस समय T20 वर्ल्ड कप भी है, और ओलंपिक्स भी, तो फिर क्यों नहीं? अगर आपने लगातार दो जीते हैं, तो टी20 में लगातार तीन क्यों नहीं, और निश्चित रूप से ओलंपिक गोल्ड भी."

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