Vaibhav Sooryavanshi 1st International SIX : इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला.बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने प्लेइग 11 में संजू सैमसन की जगह ली. महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में डेब्यू करते हुए वह भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. वैभव के डेब्यू से मैच का रोमांच चरम पर था. स्टेडियम में मैच देख रहे फैन्स इस 15 साल के बल्लेबाज के लिए दुआ कर रहे थे कि इस मैच में यह खिलाड़ी कमाल करें.ॉ

जब बैटिंग करने उतरे
भारत ने पहले बल्लेबाजी की. भारत की ओर से अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने भारत की पारी का आगाज किया. फैन्स बस वैभव की बल्लेबाजी देखने के लिए उत्सुक थे. भारत की पारी का पहला ओवर अभिषेक शर्मा ने खेला, इस ओवर में वैभव को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला. फैन्स के लिए थोड़ा इंतजार बढ़ गया. दूसरे ओवर में वैभव स्ट्राइक पर थे और सामने गेंदबाज जोश टंग थे. अपने इंटरनेशनल करियर का पहला गेंद खेलते हुए वैभव के चेहरे पर किसी तरह का कोई डर नहीं था. बल्कि गेंदबाज सहमे हुए नजर आए थे. सभी को पता है कि पहली गेंद पर वैभव क्या करते थे. फैन्स के चेहरे पर भी उम्मीद थी, कि पहली गेंद पर क्या छक्का आएगा. जैसे-जैसे जोश टंग गेंदबाजी के लिए आगे बढ़ रहे थे फैन्स की धड़कन तेज हो रही थी.
पहली गेंद - कोई रन नहीं, गेंद स्विंग हुई और वैभव चूक गए. शॉर्ट लेंथ की गेंद जो ऑफ स्टंप से दूर जा रही थी, वैभव ने जोर से हिट करने की कोशिश की लेकिन पिच पर एक्स्ट्रा बाउंस की वजह से चूक गए. यानी पारी की पहली गेंद पर छक्का वैभव नहीं लगा पाए. फैन्स का शोर कुछ समय के लिए थम सा गया.
दूसरी गेंद - कोई रन नहीं, गेंद सीधे कीपर के पास गई. क्योंकि पिच से काफी तेज गति और उछाल मिल रही थी. ऑफ स्टंप के ठीक बाहर छोटी गेंद, सूर्यवंशी ने हुक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन मिस कर गए. लगाता दो गेंद पर वैभव अपना खाता नहीं खोल पाए .
तीसरी गेंद - वाइड और चौका- वैभव स्टंप्स के पार कदम बढ़ाते हैं और ज़ोरदार पुल शॉट खेलने के लिए पिछले घुटने पर झुकते हैं, लेकिन गेंद लेग-साइड की तरफ चली जाती है और वे चूक जाते हैं. गेंद दूसरे बाउंस पर बटलर के पास जाती है, जो उसे रोक नहीं पाते और गेंद चौके के लिए चली जाती है .5 रन एक्स्ट्रा पर बनते हैं.
तीसरी गेंद - 1 रन, वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंटरनेशनल करियर में पहला रन होता है. ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर, शॉट खेला और गेंद इनसाइड एज से लेग स्टंप के पास से निकल गई, वैभव ने भागकर रन ले लिया. इस तरह से इंटरनेशनल करियर में वैभव ने अपना पहला रन बनाया.
अब अगले ओवर में वैभव का सामना जोफ्रा ऑर्चर से होना था. तीसरी ओवर की पहली गेंद ऑर्चर करने वाले थे. वैभव बैटिंग स्टांस ले रहे थे. फैन्स एक बार फिर शोर मचा रहे थे. सभी को पता था कि यह मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. आईपीएल में कई बार वैभव ने आर्चर का सामना किया था. लेकिन इस बार का मौका अलग था. दोनों अपने-अपने देश के लिए खेल रह थे. वैभव और ऑर्चर एक दूसरे के खिलाफ थे. रोमांच चरम पर थे. फैन्स बस दोनों के बीच होने वाले इस मुकाबला का इंतजार कर रहे थे.

इंटरनेशनल क्रिकेट का पहला छक्का, वैभव की पारी की चौथी गेंद
आखिरकार ऑर्चर भागकर गए, वैभव गेंद का इंतजार कर रहे थे, फैन्स बस टकटकी लगाकर गेंद के होने का इंतजार कर रहे थे. छक्का! सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल स्टेज पर अपनी धमाकेदार एंट्री की, घुटने पर बैठकर, पीछे हटते हुए और गेंद की लाइन में आकर उन्होंने कीपर के सिर के ऊपर से स्वीप शॉट खेला. गेंद बाउंड्री के पार चली गई और इस लेवल पर यह उनका पहला छक्का था. गेंदबाज ऑर्चर खामोश थे और छक्का देखकर तुरंत अपने रनअप पर लौटने लगे. कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर गदगद हो गए.
गावस्कर ने कहा, " राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं वैभव और आर्चर, वैसे तो वैभव ने नेट में आर्चर का कई बार सामना किया होगा. लेकिन यह मौका अलग था. देखिए इसी की वजह से आर्चर ने वैभव को लेग साइड में गेंद फेंकी, पर देखिए किस तरह से इन्होंने यह छक्का लगाया और कितना लंबा मार लिया है. कितना दूर मार दिया है. OHH BOY...वाह..वैभव ने अपने इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का चौथी गेंद पर लगाया.
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— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 4, 2026
Vaibhav Sooryavanshi launches Jofra Archer for his first international six. 🚀
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इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव अपना पहला छक्का लगा चुके थे. फैन्स झूम रहे थे, मैनचेस्टर में इतिहास रचा जा रहा था, अब सभी को लगने लगा था कि 15 साल का यह करिश्माई बल्लेबाज चमत्कार करने वाला है.
पांचवीं गेंद कोई रन नहीं, एक तेज बाउंसर जो सूर्यवंशी के दाहिने कंधे के ऊपर से निकल गई, क्योंकि वे पुल शॉट खेलने में चूक गए, आर्चर ने छक्का खाने के बाद अच्छी वापसी की थी.
छठी गेंद - 1 रन, अब ऑर्चर ने ऑफ स्टंप के बाहर सटीक यॉर्कर डाली और वैभव सूर्यवंशी ने उसे मिड-ऑफ की तरफ खेलकर एक रन ले लिया. अबतक वैभव ने 6 गेंद का सामना करते हुए 8 रन बना लिए थे.

इंटरनेशनल क्रिकेट का दूसरा छक्का- 7वीं गेंद
अब वैभव को चौथे ओवर में बल्लेबाजी करने का मौका मिला. इस बार जोश टंग वैभव के सामने थे. अपनी पारी की सातवीं गेंद पर वैभव ने छक्का लगाया. गेंद बहुत दूर दर्शकों के बीच जाकर गिरी. ऑफ स्टंप पर धीमी गति की गेंद, बिल्कुल सही जगह पर और सूर्यवंशी ने उस पर जबरदस्त शॉट खेला. गेंद का इंतजार करके अपने बड़े बैट-स्विंग से गेंद को मिड-विकेट के ऊपर से हवा में उड़ा दिया. फैन्स गदगद हो गए. वैभव का इंटरनेशनल क्रिकेट में यह दूसरा छक्का था.
आठवीं गेंद -लेग बाई, 1 रन, अब ओवर द विकेट, लेग स्टंप पर गुड लेंथ गेंद, बल्लेबाज को परेशानी हुई और सूर्यवंशी स्लॉग शॉट खेलने के चक्कर में चूक गए!. गेंद जांघ पर लगकर ऑफ-साइड की तरफ चली गई. और लेग बाई की ओर से एक रन लेने में सफल रहे थे.
अब 9वीं गेंद वैभव ने अपनी पारी का विल जैक के खिलाफ खेला था. विल जैक इस बार वैभव के सामने थे. अपनी पारी की 9वीं गेंद पर वैभव रन नहीं बना सके. हवा में तैरती हुई गेंद लेग साइड की ओर फुल लेंथ थी. वैभन सूर्यवंशी ने इसे हल्के से मिड-ऑन की तरफ खेला लेकिन रन नहीं बना पाए.

10वीं गेंद पर हुए आउट
विल जैक्स की गेंद वैभव सूर्यवंशी को, स्टंप आउट. सूर्यवंशी स्टंप हो गए हैं. थर्ड अंपायर से इसकी जांच की और सीधा पाया कि वैभव क्रीज से बाहर थे. विल जैक्स ने ललचा कर वैभव को स्टंप आउट किया. जैक्स ने ऑफ स्टंप के बाहर सपाट गेंद फेंकी, शायद उन्होंने सूर्यवंशी को आगे बढ़ते हुए देख लिया था और उन्हें चकमा दे दिया. कट शॉट लगाने की कोशिश में गेंद को बल्ले से वैभव टच नहीं करा सके. बटलर ने विकेट के पीछे से गेंद को आसानी से पकड़ा और वैभव को स्टंर आउट कर दिया. गेंदबाज जश्न मनाने लगे.
4 जुलाई 2026, ऐतिहासिक पल क्रिकेट के पन्नों में हो गया अमर
वैभव निराशा भाव से पवेलियन की ओर बढ़ने लगे. उनके चेहरे पर उदासी थी. गंभीर डक आउट में बैठकर वैभव के लिए ताली बजा रहे थे. फैन्स भी 15 साल के बल्लेबाज का स्वागत गर्मजोशी से कर रहे थे. 15 साल के वैभव की पहली इंटरनेशनल पारी इस तरह से खत्म हुई. एक यादगार और ऐतिहासिक पल क्रिकेट के पन्नों में दर्ज हो चुका था. 4 जुलाई 2026 की तारीख अब इतिहास में दर्ज हो चुकी थी.
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