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बिना रणजी मैच भारत के लिए आगाज, आखिरी मैच में 5 विकेट, फिर गायब! बर्थ-डे ब्वॉय विवेक राजदान की स्टोरी

विवेक राजदान का करियर साल 1989 में सचिन तेंदुलकर के साथ ही शुरू हुआ था. लेकिन वह बहुत ही रहस्यमयी तरीके से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चले गए. और उन्हें लेकर यह अक्सर सवाल आज भी होते हैं

बिना रणजी मैच भारत के लिए आगाज, आखिरी मैच में 5 विकेट, फिर गायब!  बर्थ-डे ब्वॉय विवेक राजदान की स्टोरी
साल 1989 में पाकिस्तान दौरे में सचिन तेंदुलकर के साथ विवेक राजदान
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भारत के पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान कमेंट्री की दुनिया में जाने-माने चेहरे हैं. हालांकि, उनका इंटरनेशनल करियर बहुत छोटा रहा. विवेक ने वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू सचिन तेंदुलकर के साथ किया था. विवेक राजदान का जन्म 25 अगस्त, 1969 को नई दिल्ली में हुआ. और वह मंगलवार को 57 साल के हो जाएंगे. विवेक राजधानी की कहानी बहुत ही रुचिकर रही है.  विवेक का शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था और जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला किया. और वह घरेलू क्रिकेट में विवेक बतौर तेज गेंदबाज अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे. विवेक ने 29 फर्स्ट-क्लास मैचों में 67 विकेट चटकाने के साथ-साथ बल्ले से भी 700 रन बनाए. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले 18 मुकाबलों में उन्होंने 14 विकेट निकाले.

पाकिस्तान के खिलाफ हुई शुरुआत

घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन के चलते साल 1989 में विवेक को भारतीय टीम से बुलावा आया. पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में उन्हें विश्व स्तर पर अपनी काबिलियत दिखाने का पहली बार मौका मिला. विवेक पहले मैच में तो कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने सियालकोट में खेले गए टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ 79 रन देकर 5 विकेट चटकाए.

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आज भी यह यह बड़ा सवाल

और यह भी अपने आप में बड़ा सवाल आज भी है कि जिस गेंदबाज ने देश के लिए खेले आखिरी मैच में पांच विकेट लिए हों, वह अगला मैच फिर कभी क्यों नहीं खेला  विवेक ने अपना वनडे डेब्यू सचिन तेंदुलकर के साथ 18 दिसंबर, 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ किया. इस मुकाबले में उन्हें सिर्फ दो ही मुकाबलों में गेंदबाजी करने का मौका मिला. उन्होंने भारत की ओर से 3 वनडे मुकाबले खेले और इस दौरान सिर्फ एक विकेट चटकाया. विवेक इस सीरीज के बाद धीरे-धीरे गुमनाम हो गए और इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी दोबारा वापसी नहीं हुई.

कमेंट्री में कमाया नाम

हालांकि, बतौर खिलाड़ी संन्यास लेने के बाद विवेक राजदान ने कमेंटेटर के तौर पर खास पहचान बनाई. साल 2020-21 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान विवेक राजदान की कमेंट्री काफी मशहूर हुई. गाबा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत के आखिरी पलों में विवेक द्वारा बोल गए शब्द 'टूटा है गाबा का घमंड' काफी मशहूर हुए.  विवेक राजदान आज के दौर के बेहतरीन हिंदी कमेंटेटरों में गिने जाने हैं और फैंस उन्हें बहुत ही ज्यादा सुनना पसंद करते हैं


 

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