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आलोचनाओं के बीच कैसे पलटा वेंकटेश अय्यर की किस्मत का पासा? RCB के स्टार खिलाड़ी ने खुद बयां की पूरी कहानी

आरसीबी के स्टार ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर ने सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचनाओं पर बड़ा बयान दिया है. अय्यर के मुताबिक, मुश्किल दौर में बेंगलुरु के ड्रेसिंग रूम से मिले अपनेपन ने उन्हें वापसी करने की हिम्मत दी.

आलोचनाओं के बीच कैसे पलटा वेंकटेश अय्यर की किस्मत का पासा? RCB के स्टार खिलाड़ी ने खुद बयां की पूरी कहानी
Venkatesh Iyer on Social Media Abuse:

Venkatesh Iyer on Social Media Abuse: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2026 के लीग राउंड में टॉप पर रहने के बाद नॉकआउट मुकाबलों में भी अपना दबदबा बनाए रखा. टीम ने पहले क्वालिफायर और फिर फाइनल मैच में बाजी मारकर लगातार दूसरी बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा किया. मैदान पर खिलाड़ियों के इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बाद भी सोशल मीडिया का एक अलग पहलू देखने को मिला. टीम के कुछ खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा जिसमे सबसे बड़ा नाम वेंकटेश अय्यर का रहा, जिन्हें 2026 के सीजन से ठीक पहले बेंगलुरु ने 7 करोड़ रुपये में अपने पाले में शामिल किया था. अय्यर कभी लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में गिने जाते थे, लेकिन साल 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा था, जिसके चलते सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलर्स उनके पीछे पड़े रहे.

पंजाब किंग्स के खिलाफ लीग मैच में खेलने का मिला मौका

लेकिन जब मौका मिला, तो वेंकटेश अय्यर ने पूरे क्रिकेट जगत को दिखा दिया कि उन्हें आईपीएल की सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में क्यों गिना जाता है. कप्तान रजत पाटीदार के चोटिल होकर मैच से बाहर होने के बाद, वेंकटेश को पंजाब किंग्स के खिलाफ लीग मैच में खेलने का अवसर मिला. उन्होंने इस मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 73 रनों की पारी खेल डाली. उनकी यह शानदार पारी आरसीबी मैनेजमेंट को यह भरोसा दिलाने के लिए काफी थी कि इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को अब टीम से बाहर नहीं बैठाया जा सकता.

NDTV के कंसल्टिंग एडिटर बोरिया मजूमदार को दिए एक खास इंटरव्यू में, वेंकटेश ने बताया कि कैसे उन्होंने ऑनलाइन मिल रही नफ़रत को अपनी बल्लेबाज़ी के ज़रिए जवाब देने में बदल दिया.

गाली-गलौज और आलोचनाओं से निपटने का तरीका

खराब फॉर्म के दौरान सोशल मीडिया और दिग्गजों द्वारा होने वाली आलोचनाओं पर बात करते हुए वेंकटेश अय्यर ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत होगा कि इन बातों का खिलाड़ी पर कोई असर नहीं होता. इसका असर बिल्कुल पड़ता है, लेकिन मैं इस पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बचता हूं. यह मेरी जिंदगी और मेरा करियर है, जिसके लिए मैं खुद पूरी तरह जिम्मेदार हूं. अगर मैंने मैदान पर अच्छा खेल नहीं दिखाया है, तो मुझे दूसरों से यह सुनने की जरूरत नहीं है. मैं खुद इस बात को अच्छी तरह समझता हूं. क्रिकेट में यह सब चलता रहता है. जब आप बेहतरीन खेलेंगे तब भी लोग चर्चा करेंगे और जब आपका बल्ला नहीं चलेगा तब भी बातें होंगी. ऐसे में आपका काम सिर्फ अपनी मेहनत और अपने रवैये को काबू में रखना है, मैं भी इसी रास्ते पर चलता हूं.

विराट के साथ से बदली किस्मत

अपनी वापसी वाली बेहतरीन पारी का जिक्र करते हुए अय्यर ने बताया कि क्रीज पर आने के बाद शुरुआत की पहली 10-11 गेंदों पर मुझे रन बनाने के लिए काफी ज्यादा संघर्ष करना पड़ा था. उस मुश्किल समय में, मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे दूसरे छोर पर विराट कोहली का साथ मिला और उनके साथ बैटिंग करने का मौका मिला. जैसे ही गेंद बल्ले के बीचों-बीच लगकर टाइम होना शुरू हुई, मेरा आत्मविश्वास वापस आ गया और मैं पुराना सारा दबाव भूल गया. असल में यही क्रिकेट का असली रोमांच है.

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