एक तरफ टीम इंडिया की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी न्यूजीलैंड के खिलाफ मौकों और फिर से अपने अंदाज से क्रिकेट जगत को चकाचौंध करने की ओर देख रहे हैं, तो उनके छोटे भाई आशीर्वाद बिहार के घरेलू और अपनी उम्र के टूर्नामेंटों में बड़ी-बड़ी पारियां खेलकर राज्य की जूनियर टीम में जगह बनाने के लिए पुरजोर लगाए हुए हैं. रविवार को आशीर्वाद ने तूफानी शतक बनाते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी. मैटिंग विकेट पर खेले गए इस मैच में आशीर्वाद सूर्यवंशी ने सिर्फ 87 गेंदों पर 107 रन की पारी खेली. इसमें उन्होंने 14 चौके और 4 छक्के जड़े. इस पारी से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
पिता संजीव ने रखा वैभव की राह पर!
वैभव ने अगर सिर्फ 12 साल की उम्र में ही बिहार की रणजी ट्रॉफी टीम में जगह बना ली थी, तो उसकी एक बहुत बड़ी वजह उनके पिता का वैभव को बचपन से ही राज्य के दूर-दूर घरेलू टूर्नामेंट में खिलाना रहा. यह एक बहुत बड़ी वजह रही कि जिससे वैभव के भीतर मैच टेम्प्रामेंट और रन बनाने की कला विकसित हुई. बिहार के घरेलू टूर्नामेंटों में वैभव टीम इंडिया में पहुचंने से पहले ही कई तिहरे और दोहरे शतक जमा चुके थे. और अब पिता संजीव सूर्यवंशी यही प्रक्रिया छोटे बेटे आशीर्वाद के लिए भी अपनाए हुए हैं. पिछले करीब दो साल में उन्होंने आशीर्वाद को कई टूर्नामेंटों में खिलाया. और आशीर्वाद लगातार कर भी बहुत अच्छा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर स्टार हैं आशीर्वाद
वैभव की इस पारी के लिए उन्हें उनके फॉलोअर्स से जमकर तारीफ मिल रही है. रविवार को बनाए गए शतक के लिए ही आशीर्वाद को करीब पांच हजार लोगों का आशीर्वाद लाइक के रूप में मिल चुका है, तो कमेंटों के जरिए भी ये चाहने वालों ने उनकी हौसलाअफजाई की ही. कोई उन्हें आशीर्वाद देने की देने की बात कह रहा है, तो कोई कुछ और कह रहा है. बहरहाल, यह अच्छी बात है कि आशीर्वाद को फैंस की इतनी प्रशंसा मिल रही है. और यह उन्हें आगे और ऐसी ही पारियां खेलने के लिए प्रेरित करेगा.

आशीर्वाद की इस शतकीय पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

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