
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (India vs Australia) टेस्ट सीरीज में 2-1 के अंतर से जीत (Test Series Win) हासिल करने के बाद टीम इंडिया (Team India) के कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने उन आलोचकों पर जमकर निशाना साधा है जो टीम के सिलेक्शन और अभ्यास कार्यक्रम को लेकर सवाल सवाल उठा रहे थे. शास्त्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि सैकड़ों मील दूर से आने वाली नकारात्मक प्रतिक्रिया ‘बंदूक की गोली के धुएं' की तरह उड़ गई. टेस्ट सीरीज में जीत के बाद शास्त्री ने दिग्गज सुनील गावस्कर ( Sunil Gavaskar) सहित उन सभी आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने टीम के चयन और अभ्यास कार्यक्रम पर सवाल उठाया था.
MUST WATCH: Virat & Co. celebrate historic win in style @scg dressing room abuzz with cheers, #TeamIndia thanking their fans & @imVkohli on the proudest moment of his life - @28anand has all bases covered here #AUSvIND
— BCCI (@BCCI) January 7, 2019
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कोच रवि शास्त्री क्या टीम इंडिया के कप्तान के 'यस मैन' हैं, कोहली ने दिया यह जवाब...
ऑस्ट्रेलिया दौरे के 71 साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करने के बाद शास्त्री ने कहा, ‘मैंने मेलबर्न में कहा था. मुझे लगता है कि मैंने टीम पर सवाल उठाने और अंधेरे में तीर चलाने वालों को जवाब दिया था. मैं मजाक नहीं कर रहा था क्योंकि मुझे पता है कि इस टीम ने कितनी कड़ी मेहनत की है. जब आप इतने दूर से गोली चलाते हैं तो वह दक्षिणी गोलार्ध को पार करते समय धुंए की तरह उड़ जाती है.' रविवार को चौथे दिन के खेल के बाद टीवी चर्चा के दौरान मुरली कार्तिक ने कहा कि पर्थ में मिली हार टीम के लिए खतरे की घंटी की तरह थी. जिस पर गावस्कर ने कहा था, ‘खतरे की यह घंटी कैसे बजी? क्योंकि हजारों मील दूर से उसकी आलोचना की गई जिसने टीम को जगाने का काम किया.'
वीडियो: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद विराट कोहली यह बोले
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ के दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया के हार के बाद सुनील गावस्कर ने कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की जिम्मेदारियां तय करने की बात कही है. उन्होंने कहा था कि अगर भारत बाकी बचे दो टेस्ट मैचों में जीत दर्ज करने में नाकाम रहता है तो कोहली औरशास्त्री की कप्तान और कोच के रूप में भूमिका की समीक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने टीम प्रबंधन की चयन में की गई गलती की कड़ी आलोचना की. पर्थ टेस्ट में भारतीय टीम चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतरी थी जबकि ऑस्ट्रेलिया ने स्पिनर नाथन लॉयन को चुना जो आखिर में दोनों टीमों के बीच बड़ा अंतर साबित हुए. सुनील गावस्कर टीम के प्लेइंग इलेवन के चयन को लेकर प्रभावित नहीं थे. उन्होंने कहा, 'हम इसे देख रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका दौरे से ही चयन को लेकर बड़ी चूक की जा रही है. गावस्कर ने उस समय कहा था कि टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है क्योंकि वह मैच गंवा रही है. अगर सही चयन किया जाता तो टीम इन मैचों को जीत सकती थी. (इनपुट: एजेंसी)
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