अब जबकि अगले महीने टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ उसी की धरती पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने की तैयारी कर रही है, तो उससे कुछ दिन पहले ही सहायक कोच रेयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी दिलीप की विदाई हेड कोच गौतम के लिए 'गंभीर' चैलेंज है. हेड कोच के लिए चुनौती यहां नए सहायक या विशेषज्ञ कोच के साथ जल्द से जल्द तालमेल बैठाने की होगी. देखने की बात यह भी होगी कि क्या बोर्ड इस बार गंभीर को अपनी 'पसंद के साथी'मिलेंगे या नहीं? बीसीसीआई (BCCI) ने उनके अनुबंधों को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है जो आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर जाने के दौरान ही समाप्त हो चुके थे. टीम के बल्लेबाजी और फील्डिंग में उनके योगदान पर अक्सर सवाल उठाए जाते रहे थे. गौतम गंभीर के कार्यकाल में दूसरी बार ऐसा होगा जब बैकरूम स्टाफ में बदलाव देखने को मिलेंगे. बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने पुष्टि की कि दोनों के अनुबंधों का नवीनीकरण नहीं किया गया है और अगले महीने होने वाले श्रीलंका दौरे से पहले उनके विकल्पों की घोषणा करने की प्रक्रिया जारी है.
हालांकि टेन डोशेट के पास गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल की तरह अनुबंध विस्तार की मांग करने का विकल्प था, लेकिन समझा जाता है कि नीदरलैंड के यह पूर्व कप्तान फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अवसर तलाशने के इच्छुक थे. जानकारी के मुताबिक डोशेट के आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़ने की संभावना है.
एक दशक बाद गंभीर को दिए गए 'विदेशी साथी'
जब गंभीर को भारत का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, तो टेन डोशेट को मोर्केल के साथ टीम में शामिल किया गया था. बीसीसीआई के रवि शास्त्री, राहुल द्रविड़ के रूप में भारतीय कोचों पर भरोसा करने के बाद यह पहला मौका था, जब BCCI ने सहायक स्टॉफ के रूप में दो विदेशी सपोर्ट स्टॉफ के सदस्य चुने. इससे पहले करीब दशक भर पहले यह डंकन फ्लेचर थे, जो अपने साथ विदेशी स्टॉफ लेकर आए थे.

गंभीर कार्यकाल में दूसरी बार सपोर्ट स्टॉप में बदलाव
हालाकि, मॉर्कल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन समझा जाता है कि दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व तेज गेंदबाज को अनुबंध विस्तार दिया गया है. अगला बड़ा आईसीसी इवेंट (50 ओवरों का विश्व कप) दक्षिणी अफ्रीका में होना है. इसलिए भारत का मानना है कि मोर्केल के अनुभव और विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी. गंभीर के अब तक के दो साल के कार्यकाल में, उनके सपोर्ट स्टाफ में कुछ बड़े बदलाव देखे गए हैं.पहले साल 2024/25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंत में भारत ने सहायक कोच अभिषेक नायर से अपना नाता तोड़ लिया था और उनकी जगह सितांशु कोटक को शामिल किया गया था.
बल्लेबाजों के गिरते प्रदर्शन से गिरी डोशेट पर गाज
यद्यपि टेन डोशेट का आधिकारिक पद सहायक कोच का था. वे मुख्य रूप से कोटक के साथ बल्लेबाजी समूह और फील्डिंग पर काम कर रहे थे. टीम के भीतर उन्हें खिलाड़ियों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता था, जिनसे कठिन परिस्थितियों में बात करने में खिलाड़ियों को कोई झिझक नहीं होती थी. लेकिन विभिन्न परिस्थितियों में बल्लेबाजी समूह के गिरते प्रदर्शन को देखते हुए टेन डोशेट की भूमिका और सेट-अप में उनके योगदान पर सवाल उठाए गए थे.

दूसरी बार आए टी. दिलीप फिर से चूक गए
वहीं, जहां तक दिलीप का सवाल है, तो उनका भविष्य संशय में था क्योंकि सभी प्रारूपों में भारत की फील्डिंग चिंता का विषय बनी हुई थी. जब द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हुआ, तो शुरुआत में दिलीप को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन बोर्ड ने अंतिम समय में अपना फैसला बदलते हुए उन्हें गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में शामिल कर लिया था. लेकिन हाल ही में आयरिश और इंग्लैंड दौरे में टी20 और वनडे सीरीज में टीम इंडिया के खिलाड़ियों का बहुत ज्यादा कैच छोड़ना और खराब फील्डिंग BCCI को चुभ गई. ऐसे में उनके जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं ही था.
शुभदीप घोष होंगे नए फील्डिंग कोच!
समझा जाता है कि दिलीप की जगह बीसीसीआई असम के पूर्व खिलाड़ी शुभदीप घोष को फील्डिंग कोच के रूप में देख रहा है. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तैनात घोष इस सिस्टम का हिस्सा रहे हैं और अलग-अलग समय पर इंडिया ए, अंडर-19 के साथ-साथ भारत की महिला टीम के साथ काम कर चुके हैं. वर्तमान में, गंभीर के अलावा भारत के सपोर्ट स्टाफ में कोटक, मॉर्कल, साईराज बहुतुले (स्पिन-गेंदबाजी कोच) और हरि प्रसाद मोहन (विश्लेषक) शामिल हैं.
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