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IAS टीना डाबी के UPSC आरक्षण पर फिर उठे सवाल, इस बार परिवार की अगली पीढ़ी का भी जिक्र

IAS टीना डाबी को UPSC में मिले आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर फिर बहस छिड़ गई है. यूजर्स उनके परिवार के उच्च पदों पर होने के बावजूद अगली पीढ़ी को आरक्षण मिलने पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कई लोग इसे सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बता रहे हैं.

IAS टीना डाबी के UPSC आरक्षण पर फिर उठे सवाल, इस बार परिवार की अगली पीढ़ी का भी जिक्र
IAS टीना डाबी आरक्षण विवाद
Social Media
  • यूपीएससी 2015 की टॉपर आईएएस टीना डाबी को आरक्षण मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर फिर से विवाद छिड़ा है
  • टीना डाबी राजस्थान कैडर की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी और वर्तमान में टोंक की जिला कलेक्टर हैं
  • सोशल मीडिया पर टीना डाबी के परिवार की सुविधा सम्पन्न पृष्ठभूमि के बावजूद आरक्षण मिलने पर सवाल उठाए जा रहे हैं
नई द‍िल्‍ली:

भारतीय प्रशासनिक सेवा की सबसे चर्चित अधिकारियों में से एक और यूपीएससी 2015 की टॉपर टीना डाबी को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में मिले आरक्षण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बार आरक्षण के बहाने उनके परिवार की आने वाली अगली पीढ़ी का भी जिक्र किया गया है.

सोशल मीडिया पर आरक्षण और काबिलियत को लेकर छिड़ी बहस

दरअसल, सोशल मीडिया पर आईएएस टीना डाबी को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में मिले आरक्षण को लेकर की गई पोस्ट पर तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग उनके परिवार के अत्यधिक सुविधा-संपन्न होने के बावजूद आरक्षण का लाभ लेने को गलत ठहरा रहे हैं, तो वहीं कई लोग उनकी काबिलियत और मेहनत की तारीफ कर रहे हैं.

टीना डाबी ज‍िला कलेक्‍टर टोंक

टीना डाबी राजस्थान कैडर की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी और वर्तमान में टोंक की जिला कलेक्टर हैं. करीब 10 साल पहले टीना डाबी के पूरे देश में पहला स्‍थान प्राप्‍त करते हुए यूपीएससी क्रैक करने के बाद से ही अक्सर उनकी जाति और आरक्षण पर सवाल उठते रहे हैं. सोशल मीडिया पर ताजा बहस तब शुरू हुई, जब 10 सितंबर 2026 को खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले दीपक बैरवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. 

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राजस्‍थान कैडर में 2016 बैच की आईएएस टीना डाबी वर्तमान में टोंक ज‍िला कलेक्‍टर पद पर सेवाएं दे रही हैं. 

दीपक बैरवा की पोस्ट में क्‍या ल‍िखा?

दीपक बैरवा ने अपनी पोस्ट में आईएएस टीना डाबी के बाड़मेर जिला कलेक्टर कार्यकाल के दौरान की एक पुरानी फोटो शेयर की. उन्होंने कैप्शन में लिखा: "दर्द 'आरक्षण' का नहीं है, बल्कि नीचे बैठने वाला कुर्सी पर कैसे बैठ गया, दर्द इस बात का है. जय भीम, जय संविधान."

अन्विक्शा का रीट्वीट: टीना डाबी के परिवार की पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल

दीपक बैरवा की इस पोस्ट को 11 सितंबर 2026 को अन्विक्शा नामक यूजर के अकाउंट से रीट्वीट करते हुए टीना डाबी और उनके परिवार के बारे में कई बातें लिखी गईं. पोस्ट में लिखा गया: "उनके पिता BSNL में रिटायर्ड जनरल मैनेजर थे. उनकी मां इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में अफसर थीं. उनकी बहन और वह खुद भी IAS अफसर हैं." 

अन्विक्शा की पोस्ट में आगे लिखा गया: "इतनी अच्छी स्थिति होने के बावजूद, उन्हें और उनके परिवार की अगली पीढ़ी को आरक्षण का फायदा मिल रहा है, जबकि कई गरीब बच्चों को अभी भी ठीक से शिक्षा तक नहीं मिल पाती है." 

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आईएएस टीना डाबी के आरक्षण को लेकर सोशल मीड‍िया पर फ‍िर सवाल उठ रहे. 

यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं 

दीपक बैरवा और अन्विक्शा की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कोई टीना डाबी के आरक्षण को जायज ठहरा रहा है तो कोई इसे गलत बता रहा है.

यूजर अपर्णा पेड्डीरेड्डी ने लिखा: "जाति-आधारित आरक्षण खत्म कर दिया जाना चाहिए. केवल योग्यता को ही ध्यान में रखा जाना चाहिए."

वहीं, 'अमोइक्स' नाम के यूजर ने आरक्षण के समर्थन में एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखी. उन्होंने लिखा: "जाति का भेदभाव तब भी खत्म नहीं होता जब कोई परिवार अमीर या पढ़ा-लिखा हो जाता है या जब किसी के माता-पिता सरकारी अधिकारी बन जाते हैं. आप आज भी लोगों को खुलेआम आंबेडकर और निचली जातियों के लोगों का मजाक उड़ाते और उनकी बेइज्जती करते हुए देख सकते हैं. भेदभाव खत्म नहीं हुआ है, यह अभी भी मौजूद है."

उन्होंने आगे लिखा: "पढ़े-लिखे या सफल माता-पिता होने से पीढ़ियों से चला आ रहा सामाजिक भेदभाव रातों-रात खत्म नहीं हो जाता. अगर तर्क यह है कि आरक्षण उन लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचना चाहिए जो सच में पिछड़े हैं, तो यह एक सही पॉलिसी बहस है. लेकिन सिर्फ यह कहना कि किसी के माता-पिता सरकारी अफसर हैं और वह खास अधिकार वाली है इसलिए उसे आरक्षण नहीं मिलना चाहिए, आरक्षण के सामाजिक मकसद को नजरअंदाज़ करता है. असली बदलाव तब आएगा जब लोग सच में जाति के आधार पर भेदभाव करना बंद कर देंगे और शोषित जातियों के लोगों को अपना मानकर उनका साथ देंगे. इसके लिए हमें प्यार, शिक्षा और समझदारी की जरूरत है."

दूसरी तरफ, यूजर अनुभव ने लिखा: "वह एक सरकारी अधिकारी की बेटी है. शायद उसे कभी पता भी नहीं चला होगा कि जातिवाद क्या होता है, फिर भी लोग उसे आदर्श मानते हैं; जबकि जिन्हें असल में आरक्षण की जरूरत थी, उन्हें वह नहीं मिल पाया क्योंकि उसके जैसे लोग बिना जरूरत के भी आरक्षण का फायदा उठाते हैं." 

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आईएएस टीना डाबी ने यूपीएससी 2015 में नंबर वन रैंक हास‍िल की थी. 

डाबी परिवार में तीन आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी

टीना डाबी के परिवार में कुल तीन आईएएस अधिकारी और एक आईपीएस अधिकारी हैं. टीना के पति प्रदीप गवांडे राजस्थान कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में जालोर के जिला कलेक्टर हैं. दोनों का एक बेटा भी है.

परिवार में तीसरी आईएएस अधिकारी टीना डाबी की छोटी बहन रिया डाबी हैं. 2021 बैच की आईएएस रिया डाबी वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री के ओएसडी पद पर सेवाएं दे रही हैं. वहीं, रिया डाबी के पति मनीष कुमार भी राजस्थान कैडर में आईपीएस अधिकारी हैं.

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