भारतीय वीमेंस टीम ने हाल ही में दुबई में टी20 एशिया कप खिताब जीता, तो इसी दौरान भारतीय फैंस के बीच 'ट्रॉफी चोर' के रूप में स्थापित हो चुके पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और गृहमंत्री मोहसिन नकवी एक बार फिर से चर्चा में आ गए. पूरा क्रिकेट जगत इस समय पीसीबी पर थू-थू कर रहा है कि आखिर जब बेइजत्ती पहले से ही तय थी, तो फिर क्यों मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए क्यों आए? बहरहाल, अब जब मामला सुर्खियों में बना हुआ है, तो भारतीय पूर्व क्रिकेटरों ने भी मोहिसन नकवी की टांग खिंचाई करना शुरू कर दिया है. 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने एक सवाल के जवाब में पूछा गया, तो उन्होंने एक छोटा और मजेदार जवाब देकर इस सवाल को टाल दिया. छत्तीसगढ़ में 'नवा रायपुर ओपन 2026' गोल्फ टूर्नामेंट के उद्घाटन के मौके पर कहा, 'उन सभी से कहो कि गोल्फ खेलें.'
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. हालांकि, हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान नकवी के हाथों ट्रॉफी स्वीकार नहीं की, जो पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं. भारतीय टीम का यह रुख पिछले साल 2025 में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली पुरुष टीम द्वारा लिए गए फैसले जैसा ही था. उस समय भी भारतीय टीम ने एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ मना कर दिया था.
समारोह में भारतीय खिलाड़ियों के ट्रॉफी न लेने के बाद नकवी ने उपविजेता श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर-अप का चेक सौंपा और एसीसी के अन्य अधिकारियों के साथ वहां से चले गए थे. बाद में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि टीम का यह फैसला आपसी विचार-विमर्श और सर्वसम्मति के बाद लिया गया था. वहीं भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि यह निर्णय बीसीसीआई का था और पूरी टीम इसके साथ खड़ी रही, क्योंकि अंततः टीम के लिए चैंपियन बनना और टूर्नामेंट जीतना ही सबसे बड़ा लक्ष्य था.
F & Q: Frequently Asked Question
प्र.1: भारतीय महिला टीम ने एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से क्यों इनकार कर दिया?
उ.: बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के अनुसार, यह फैसला देश के सम्मान और पुरुषों की टीम के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया गया। चूंकि मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, इसलिए राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए और बीते साल पुरुषों की टीम द्वारा लिए गए फैसले के समर्थन में भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी स्वीकार न करने का रुख अपनाया.
प्र.2: विवाद से बचने के लिए बीसीसीआई (BCCI) ने क्या वैकल्पिक प्रस्ताव दिए थे और नकवी की क्या प्रतिक्रिया रही?
उ.: बीसीसीआई ने दो विकल्प प्रस्तावित किए थे. पहला यह कि ट्रॉफी एसीसी (ACC) के उपाध्यक्ष खालिद अल जारोनी द्वारा सौंपी जाए और दूसरा यह कि विजेता बोर्ड का ही कोई प्रतिनिधि इसे प्रदान करे. हालांकि, मोहसिन नकवी ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया और खुद ही ट्रॉफी देने की जिद पर अड़े रहे.
प्र.3: भारतीय टीम के इनकार के बाद पुरस्कार वितरण (प्रेजेंटेशन) समारोह का अंत कैसे हुआ?
उ.: भारत के इनकार के बाद मोहसिन नकवी ने केवल उपविजेता टीम (श्रीलंका) की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनर-अप का चेक और मेडल दिए. इसके तुरंत बाद प्रेजेंटेशन समारोह समाप्त कर दिया गया और भारतीय टीम को मंच पर ट्रॉफी दिए बिना ही कार्यक्रम खत्म हो गया.
प्र.4: महिला टीम के इस रुख पर मुख्य कोच अमोल मजूमदार और बीसीसीआई का क्या कहना था?
उ.: मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने स्पष्ट किया कि यह फैसला बीसीसीआई का था और पूरी टीम इसके साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने कहा कि टीम का मुख्य उद्देश्य चैंपियन बनना था जो उन्होंने हासिल किया. बीसीसीआई ने भी कहा कि इससे टीम के शानदार प्रदर्शन और खिताबी जीत का महत्व कम नहीं होता.
प्र.5: एशियन कप ट्रॉफी विवाद पर भारत के दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उ.: जब 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव से भारतीय टीम द्वारा मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने के फैसले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने एक मजेदार और संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा: "उन सभी से कहो कि गोल्फ खेलें"
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