अमेरिका में बिजनेस की पढ़ाई करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन कुछ ही लोगों को ये मौका मिल पाता है. बिजनेस की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों में अमेरिका सबसे ऊपर है, अब QS ग्लोबल एमबीए रैंकिंग्स 2027 ने भी ये बात साबित कर दी है. इस रैंकिंग में अमेरिका के संस्थानों ने टॉप-4 पर कब्जा किया है. दुनियाभर के बिजनेस स्कूलों की लिस्ट रैंक के हिसाब से जारी की गई है, जिसमें कुछ भारतीय संस्थानों के नाम भी शामिल हैं. आइए जानते हैं कि टॉप-4 में कौन से संस्थान हैं और किन भारतीय बिजनेस इंस्टीट्यूट्स को इसमें जगह मिली है.
ये हैं टॉप-4 अमेरिकी बिजनेस स्कूल
क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) की तरफ से जारी ग्लोबल एमबीए रैंकिंग्स में इस बार एमआईटी स्लोअन (MIT Sloan) को दुनिया में पहला स्थान मिला है. यानी बिजनेस की पढ़ाई के लिए ये संस्थान सबसे बेहतर माना गया है. इसके बाद अमेरिका के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल को दूसरी रैंक, स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस को तीसरी और वार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया को चौथी रैंक मिली है.
ये हैं टॉप-10 बिजनेस स्कूल
- MIT Sloan School of Management - अमेरिका
- Harvard Business School - अमेरिका
- Stanford Graduate School of Business - अमेरिका
- Wharton School, University of Pennsylvania - अमेरिका
- HEC Paris - फ्रांस
- London Business School - ब्रिटेन
- Cambridge Judge Business School - ब्रिटेन
- INSEAD - फ्रांस
- Kellogg School of Management - अमेरिका
- Columbia Business School - अमेरिका
IIM बैंगलोर और अहमदाबाद को मिली ये जगह
भारतीय बिजनेस संस्थानों की बात करें तो इस रैंकिंग में IIM बैंगलोर को सबसे अच्छी रैंकिंग मिली है. पूरी दुनिया में ये संस्थान 64वें स्थान पर है. हालांकि पिछले साल संस्थान की रैंकिंग इससे बेहतर थी. इसके अलावा IIM अहमदाबाद भी खिसकर 70वें स्थान पर गया है और IIM कलकत्ता 95वें स्थान पर है. यानी इन तीनों संस्थानों ने टॉप-100 में अपनी जगह बनाई है. कुल भारतीय संस्थानों की बात करें तो इस लिस्ट में भारत के 19 बिजनेस स्कूलों को जगह दी गई है.
इस ग्लोबल रैंकिंग का मतलब क्या है?
क्यूएस MBA रैंकिंग कई चीजों को ध्यान में रखकर तय होती है. इसमें रोजगारी की संभावना को सबसे ज्यादा देखा जाता है, यानी जिन संस्थानों का प्लेसमेंट रेट बेहतर है, उन्हें ऊपर की रैंक दी जाती है. इसके अलावा वैल्यू फॉर मनी, थॉट लीडरशिप, एल्युमनाई आउटकम्स और डाइवर्सिटी को भी ध्यान में रखा जाता है.
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