पिछले दिनों कोलंबो में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में लेफ्टी सोनल दिनुषा की शानदार बैटिंग ने श्रीलंका ने भारत से तय जीत छीनी, तो गंभीर एंड कंपनी के WTC Final के खेलने के सपने पर जोरदार प्रहार हुआ. मैच के आखिरी दिन श्रीलंका सुबह सिर्फ 16 रन की बढ़त पर था, जबकि उसके हाथ में 4 ही विकेट थे, लेकिन सोनल दिनुषा के नाबाद 133 रन सहित श्रीलंकाई पुछल्लों ने भारत से तय जीत छीनी, तो उसके WTC Final की संभावना का पूरा गणित बदल गया.
फिलहाल टेबल में भारत की स्थिति
जीत टीम गिल को WTC प्वाइंट्स टेबल में उसका जीत प्रतिशत भी करीब 3 % बढ़ जाता, बल्कि वह बांग्लादेश को पछाड़कर नंबर चार पर पहुंच जाती, लेकिन ड्रा ने उसे पूर्व की तरह पांचवें ही नंबर पर बरकरार रखा, तो उसका वर्तमान में जीत प्वाइंस प्रतिशत भी 51.52 है. भारत को पूरे 8 प्वाइंट्स का नुकसान हुआ. और इसके बाद जो तस्वीर बन पड़ी है, वह भारत के फाइनल में खेलने के लिहाज से अंसभव सी बात दिखाई पड़ती है.

भारत के पास बाकी बचे मैच
2. दूसरा विकल्प: एक रास्ता यह भी है भारत बचे टेस्ट 6-1 के अंतर से जीते. न्यूजीलैंड को 2-0 और ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराए. अगर परिणाम ऐसे भी होते हैं, तो प्वाइंट्स प्रतिशत 64.81 से 66.67 हो जाएगा और फाइनल में टीम पहुंच जाएगी, लेकिन क्या ऐसा संभव है? जैसी फॉर्म कंगारुओं ने हाल ही में नंबर-4 पर चल रही बांग्लादेश के खिलाफ दिखाई है, उससे तो ऐसा रिजल्ट महज ख्वाब ही दिखाई पड़ता है.
3. यहां दूसरी टीमों पर निर्भर: यह तस्वीर भी भारत के लिए मुश्किल है. बचे 7 में से पांच टेस्ट जीतने न्यूजीलैंड के खिलाफ परिणाम 2-0 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-2 होने पर टीम इंडिया का जीत प्रतिशत 59.25 % रह रह जाएगा. इस परिणाम यानी 5 टेस्ट जीतने के बावजूद उसे फाइनल में पहुंचने के लिए अगर-मगर या कहें कि दूसरी टीमों के रिजल्ट पर निर्भर रहना होगा. यही वजह है कि भारत की फाइनल खेलने की संभावना यहां से 3 प्रतिशत बची है और उसका फाइनल में खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं ही होगा.
3% संभावना और अन्य टीमों का समीकरण
विदेशी परिस्थितियों की चुनौती: भारत को अपने सभी 7 मुकाबले न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की तेज और उछाल भरी पिचों पर खेलने हैं, जहां लगातार 6 या 7 मैच जीतना बेहद कठिन है. न्यूजीलैंड पर मनमाफिक रिजल्ट हासिल करना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. कीवी टीम दुनिया की शीर्ष टीमों में शुमार है और उसे उसकी जमीं पर 2-0 से हराने का मतलब होगा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगे 70 प्रतिशत जीत हासिल पहले से ही कर लेना. कुल मिलाकर तस्वीर कीवी सीरीज से ही साफ हो जाएगी.
प्रतिद्वंद्वियों का आसान शेड्यूल
वर्तमान में शीर्ष पर काबिज ऑस्ट्रेलिया (80.00% PCT) और साउथ अफ्रीका (75.00% PCT) की स्थिति काफी मजबूत है. साउथ अफ्रीका के अधिकांश मैच घरेलू मैदान पर हैं, जिससे उनका PCT 65%+ रहना काफी आसान दिख रहा है. भारत की तुलना में इनका शेड्यूल आसान है.
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