चेन्नई:
चयन समिति के अध्यक्ष के श्रीकांत ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की और इसे पूरी तरह से बल्लेबाजों की असफलता करार किया। श्रीकांत ने ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए टीम घोषणा के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हम पूरी तरह से निराश हैं। ऑस्ट्रेलिया में हम जिस तरह खेलें, वह काफी निराशाजनक था। अब चेन्नई में बैठकर मेरे लिए इसका एक कारण बताना मुश्किल होगा कि क्या चीज गलत रही। निश्चित रूप से पूरी शृंखला में हमारी बल्लेबाजी लगातार विफल रही।’’
पत्रकारों ने जब टीम की असफलता के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी यही समस्या हुई थी। पिछली दो सीरीज में बल्लेबाज विफल रहे हैं। मैं इस बात से सहमत हूं कि यह हार निराशाजनक है। यह इसलिए नहीं है कि मैं मुख्य चयनकर्ता हूं या पूर्व क्रिकेटर हूं। इसलिये भी क्योंकि मैं भारतीय हूं।’’ पूर्व भारतीय कप्तान से जब ऑस्ट्रेलिया में खराब प्रदर्शन के बाद सीनियर जैसे वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को बाहर करने की जरूरत के बारे में पूछा तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया।
श्रीकांत ने कहा, ‘‘टीम के खराब प्रदर्शन के बारे में हर कोई कई कारण दे सकता है लेकिन क्या आप इस बात से सहमत नहीं होंगे कि यह सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध टीम थी। मुझे नहीं लगता कि टीम के साथ ज्यादा ‘पोस्टमोर्टम’ से हमें फायदा होगा।’’ जब किसी ने पूछा कि क्या चयन समिति इस निराशाजनक प्रदर्शन के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराएगी तो वह खफा हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप लोग चाहते हैं कि चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में इसकी जिम्मेदारी मैं लूं तो मैं इसके लिए तैयार हूं लेकिन क्या इससे समस्या निपट जाएगी। आपके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 8000-10,000 रन बनाए हैं और अचानक ही आपके शीर्ष छह बल्लेबाज एक साथ असफल होते हैं तो आप इसके लिए एक व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा सकते। यह सामूहिक असफलता है।’’
पत्रकारों ने जब टीम की असफलता के कारण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी यही समस्या हुई थी। पिछली दो सीरीज में बल्लेबाज विफल रहे हैं। मैं इस बात से सहमत हूं कि यह हार निराशाजनक है। यह इसलिए नहीं है कि मैं मुख्य चयनकर्ता हूं या पूर्व क्रिकेटर हूं। इसलिये भी क्योंकि मैं भारतीय हूं।’’ पूर्व भारतीय कप्तान से जब ऑस्ट्रेलिया में खराब प्रदर्शन के बाद सीनियर जैसे वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को बाहर करने की जरूरत के बारे में पूछा तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया।
श्रीकांत ने कहा, ‘‘टीम के खराब प्रदर्शन के बारे में हर कोई कई कारण दे सकता है लेकिन क्या आप इस बात से सहमत नहीं होंगे कि यह सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध टीम थी। मुझे नहीं लगता कि टीम के साथ ज्यादा ‘पोस्टमोर्टम’ से हमें फायदा होगा।’’ जब किसी ने पूछा कि क्या चयन समिति इस निराशाजनक प्रदर्शन के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराएगी तो वह खफा हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप लोग चाहते हैं कि चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में इसकी जिम्मेदारी मैं लूं तो मैं इसके लिए तैयार हूं लेकिन क्या इससे समस्या निपट जाएगी। आपके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 8000-10,000 रन बनाए हैं और अचानक ही आपके शीर्ष छह बल्लेबाज एक साथ असफल होते हैं तो आप इसके लिए एक व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा सकते। यह सामूहिक असफलता है।’’
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