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'इतना बड़ा मूर्ख नहीं हूं', जब ग्रेग चैपल बनना चाहते थे KKR के कोच, सौरव गांगुली का बड़ा खुलासा

Sourav Ganguly on Greg Chappell: पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने खुलासा किया कि ग्रेग चैपल ने साल 2011 में आईपीएल टीम केकेआर (KKR) का कोच बनने की इच्छा जताई थी,

'इतना बड़ा मूर्ख नहीं हूं', जब ग्रेग चैपल बनना चाहते थे KKR के कोच, सौरव गांगुली का बड़ा खुलासा
Sourav Ganguly on Greg Chappell:

Sourav Ganguly on Greg Chappell: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और पूर्व कोच ग्रेग चैपल के बीच का पुराना विवाद किसी से छिपा नहीं है. ग्रेग चैपल के भारतीय टीम के कोच रहते हुए ही सौरव गांगुली को कप्तानी गंवानी पड़ी थी और टीम से उनकी विदाई भी हुई थी. इस जगजाहिर विवाद के बरसों बाद अब सौरव गांगुली ने 'अड्डा विद जीबी' पॉडकास्ट पर बात करते हुए चैपल के साथ अपने रिश्तों को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला खुलासा किया है. गांगुली ने बताया कि आईपीएल 2011 के दौरान जब वे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान थे, तब उन्हें चैपल का एक ईमेल मिला था. उस ईमेल में चैपल ने इच्छा जताई थी कि वे KKR के कोच बनें और गांगुली ही टीम के कप्तान बने रहें.

मेरे कप्तान रहते हुए चैपल बनना चाहते थे KKR के कोच

सौरव गांगुली ने पॉडकास्ट 'अड्डा विद जीबी' पर उस घटना को याद करते हुए बताया, "उन्होंने मुझे साल 2011 में एक ईमेल भेजा था, जब मैं KKR का कप्तान था. चैपल ने लिखा था कि वो KKR टीम को कोचिंग देना चाहते थे." जब पॉडकास्ट पर गांगुली से दोबारा पूछा गया कि क्या चैपल सचमुच उनके कप्तान रहते हुए ही कोचिंग की भूमिका निभाना चाहते थे, तो बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष गांगुली ने साफ शब्दों में इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "हां, मेरे कप्तान रहते हुए ही."

दादा इतने भी बड़े मूर्ख नहीं 

जब गांगुली से पूछा गया कि अगर वे ग्रेग चैपल का यह प्रस्ताव मान लेते तो आगे हालात कैसे होते? इस पर भारत के इस पूर्व कप्तान ने मुस्कुराते हुए अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि उन्हें बार-बार मूर्ख नहीं बनाया जा सकता. गांगुली ने मजाक में कहा, "दादा इतने भी बड़े मूर्ख नहीं हैं." उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए साफ कहा, "हो सकता है कि कोई इंसान एक बार मूर्ख बन जाए, लेकिन उसे बार-बार बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता."

इमरान खान की पिटीशन और गांगुली का बेबाक जवाब

सौरव गांगुली ने पॉडकास्ट पर एक और दिलचस्प वाकया साझा किया. उन्होंने बताया कि इस ईमेल के कई सालों बाद ग्रेग चैपल ने उन्हें एक मैसेज भेजा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान के लिए एक पिटीशन (याचिका) पर साइन करने के लिए कहा था. गांगुली ने हमेशा की तरह बेबाकी दिखाते हुए उस मैसेज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया और कोई जवाब नहीं दिया. गांगुली ने कहा, "मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल जवाब नहीं देता जो ईमानदार नहीं होते." इस बयान से गांगुली ने साफ कर दिया कि चैपल के साथ सुलह की अब कोई गुंजाइश नहीं बची है.

चैपल के बर्ताव पर बात करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा, "क्रिकेट में आपकी अपनी एक राय हो सकती है. आपको लग सकता है कि कोई खिलाड़ी अच्छा नहीं खेल रहा है या वह एक औसत दर्जे का खिलाड़ी है, इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन मुझे ऐसे लोग कतई पसंद नहीं हैं जो किसी समस्या को सुलझाने के लिए गलत या पीठ पीछे वाला तरीका अपनाते हैं. मुझे वे लोग पसंद आते हैं जो सीधे मेरे मुंह पर आकर कह दें कि मैं उतना अच्छा खिलाड़ी नहीं हूं."

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