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SL vs IND 2nd Test: अश्विन का अंधविश्वास सुनकर रह जाएंगे हैरान, पुजारा का खुलासा, जानें भारत के 5 दिग्गजों का 'अंधविश्वास फॉर्मूला

Cheteshwar Pujara's revelation: रविचंद्रन अश्विन खेल के महानतम बॉलरों में से एक हैं. और यह थोड़ा चौंकाता है कि यह इंजीनियर भी टोटकों का इस्तेमाल करता था

SL vs IND 2nd Test: अश्विन का अंधविश्वास सुनकर रह जाएंगे हैरान, पुजारा का खुलासा, जानें भारत के 5 दिग्गजों का 'अंधविश्वास फॉर्मूला
पुजारा ने अश्विन को लेकर बहुत ही रोचक बात बताई है
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कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में भारत और श्रीलंका (SL vs IND) के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में कमेंट्री कर रहे तमाम पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा, हाल ही में जुड़े अजिंक्य रहाणे, सबा करीम आदि पुराने किस्से बीच-बीच में सुनाते रहते हैं. और इस दौरान कई मजेदार बातें सामने आती हैं. और यह तो सभी जानते ही हैं कि क्रिकेटरों का अंधविश्वास से बहुत ही पुराना गहरा नाता है. पूर्व दिग्गज भी कोई न कोई 'फॉर्मूला' अमल में लाते थे, तो कई ऐसे खिलाड़ी वर्तमान में हैं जो कोई न कोई टोटका करते हैं. इन दिनों कमेंट्री में पहचान बनाने में जुटे पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपने दिनों में खुद से जुड़े महान रविचंद्रन अश्विन के अंधविश्वास को लेकर ऐसा ही खुलासा किया है, जो इंजीनियर अश्विन को लेकर चौंकाता है. 

रविचंद्रन अश्विन का गजब फंडा!

भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट के दौरान सोनी स्पोर्ट्स पर बात करते हुए पुजारा ने बताया कि अश्विन उन्हें अपना 'गुड-लक चार्म' (शुभ प्रतीक) मानते थे. और वह ओवर शुरू करने से पहले हमेशा पुजारा से अपनी टोपी (कैप) लेकर अंपायर को देने के लिए कहते थे.' पुजारा ने कहा, 'जब अश्विन गेंदबाजी करने आते थे, तो वे चाहते थे कि मैं उनकी कैप लूं और अंपायर को दूं. जब भी उन्हें विकेट नहीं मिल रहे होते थे, तो वे मैदान में चारों ओर मुझे ही ढूंढते थे. उन्हें लगता था कि अगर मैं उनसे कैप लेकर अंपायर को सौंप दूंगा, तो शायद उनके पास विकेट लेने का मौका बन सकता है.' वैसे गावस्कर से लेकर सचिन तक और सचिन से लेकर धोनी और आज के क्रिकेटरों के भी अंधविश्वास से जुड़े अपने ही फॉर्मूले या फंडे हैं. जलिए बारी-बारी से इनके बारे में भी जान लीजिए:

1. सचिन तेंदुलकर का अपना यह फंडा!

सचिन  जब भी बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरते थे, वे हमेशा अपना बायां पैड पहले पहनते थे. उनका मानना था कि ऐसा न करने से उनका ध्यान भटक सकता है या पारी की शुरुआत खराब हो सकती है. वहीं, साल 2003 के विश्व कप के दौरान उन्होंने एक ही बल्ले का इस्तेमाल पूरे टूर्नामेंट में किया, जिसे वे अपना लकी बल्ला मानते थे. 

2. धोनी भी नहीं बचे अंधविश्वास  से

पूर्व कप्तान और भारत के सबसे धुरंधर क्रिकेटरों में से एक धोनी का भी अपना अंधविश्वास रहा है. धोनी नंबर 7 को अपने लिए बेहद भाग्यशाली मानते थे.और वे इस नंबर का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से करते थे. जैसे लॉकेट, टी-शर्ट पर छपा या गाड़ियों के नंबर में सात आदि.धोनी का जन्म 7 जुलाई (7वें महीने का 7वां दिन) को हुआ थ. इसलिए उन्होंने करियर की शुरुआत से अंत तक हमेशा 7 नंबर की जर्सी ही पहनी. इसी तरह माही कई मौकों पर आखिरी ओवरों में या फिनिश करते समय अलग रंग या स्टाइल की ग्रिप या हेलमेट का भी इस्तेमाल करते थे. 

3. विराट कोहली का जूतों और ग्लव्स से रिश्ता

पूर्व कप्तान विराट कोहली करियर के शुरुआती और बीच के दौर में हाथ में काला धागा और एक खास तरह का कड़ा पहनकर बल्लेबाजी करते थे.इसके अलावा विराट अपनी बल्लेबाजी के दौरान ग्लव्स की फिटिंग को लेकर बेहद सख्त रहते हैं. यदि कोई ग्लव्स या जूता उन्हें किसी पारी में बड़ा स्कोर दिलवा देता, तो वे लगातार कई मैचों तक उसी गियर का इस्तेमाल करते थे, तो जूनियर और अंडर-19 दिनों में वे अक्सर अपनी जेब में लाल रंग का रुमाल रखते थे. 

4. सौरव गांगुली के गुरु की तस्वीर और...

गांगुली को संभवत: भारतीय अंधविश्वासी क्रिकेटरों का ब्रांड एंबैस्डर कहा जा सकता है. उन्हीं के कार्यकाल में खेले कई खिलाड़ियों ने सार्वजनिक मंच पर सौरव को लेकर कई बार किस्से बयां किए हैं. गांगुली मैदान पर उतरने से पहले अपनी जेब में हमेशा अपने गुरु (अध्यात्मिक गुरु) की एक छोटी सी फोटो रखते थे, जो उनकी माता जी ने दी थी. वहीं, मैदान पर बल्लेबाजी करते समय वे उंगलियों में खास तरह की अंगूठियां और कलाई पर धागे पहनते थे, जो सभी आसानी से देख सकते हैं. इसके  अलावा कप्तान के रूप में वे ड्रेसिंग रूम में अपनी एक तय जगह पर ही बैठना पसंद करते थे और मैच के नाजुक मोड़ों पर अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी जगह से हिलने नहीं देते थे, जो अपने आप में एक अजीब अंधविश्वास था. 

5. इंजीनियर अनिल कुंबले का भी टोटका!

अनिल कुंबले भारतीय इतिहास के चुनिंदा ऐसे क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने शिक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया है. वह इंजीनियर रहे हैं, लेकिन वह भी अंधविश्वास से नहीं ही बच सके.अपने करियर के शुरुआती दौर में कुंबले मैदान पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दौरान अपने चश्मे और जेब में रखे खास रंग के रुमाल को लेकर काफी अंधवासी थे.वहीं, साल 1999 में दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले ऐतिहासिक मैच में, कुंबले ने हर ओवर से पहले एक ही खिलाड़ी (सचिन तेंदुलकर) से अपनी स्वेटर और टोपी अंपायर को दिलवाई थी. 

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Cheteshwar Arvind Pujara, Ravichandran Ashwin, Sri Lanka Vs India 08/23/2026 Slin08232026272146, India, Sri Lanka, Cricket, Sachin Ramesh Tendulkar, Sunil Gavaskar, Mahendra Singh Dhoni, Virat Kohli
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