
संजय मांजरेकर ने टीम इंडिया के लिए 37 टेस्ट मैच खेले और 2043 रन बनाए (फाइल फोटो)
मुंबई:
टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान से वे बेहद प्रभावित थे. उन्होंने कहा कि मौका मिलता तो मैं निश्वित रूप से उनके नेतृत्व में खेलना पसंद करता. भारतीय कप्तानों में मांजरेकर ने एमएस धोनी को अपनी पसंद बताया, वहीं विराट कोहली को उन्होंने ऐसा कप्तान बताया जिसे हारने से नफरत है. मांजरेकर ने यह विचार अपनी आत्मकथा ‘इम्परफेक्ट’ के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए. इस दौरान मांजरेकर ने यह खुलासा भी किया कि अपने पिता और पूर्व क्रिकेटर विजय मांजरेकर की मौजूदगी में उन्हें डर का अहसास होता था.
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मांजरेकर ने वीडियो के जरिये खुद का साक्षात्कार करने का बेजोड़ तरीका अपनाया और खुद के सवाल पर कहा, ‘पहले मेरी योजना उन्हें किताब में शामिल नहीं करने की थी लेकिन इसके बाद मैंने उन सभी को इसमें जगह देने का फैसला किया जिनका मुझ पर प्रभाव रहा. जब भी वह (पिता स्वर्गीय विजय मांजरेकर) मेरे करीब होते तो मुझे डर का अहसास होता था जो कि उन दिनों (पिता-पुत्र के बीच) आम बात थी.’क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय ने कहा, ‘जिस तरह से उन्होंने (विजय मांजरेकर ने) मेरे साथ व्यवहार किया उसका एक क्रिकेटर के रूप में मेरी सफलता में काफी योगदान रहा. संजय ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मेरे दोनों बच्चों का क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है और मैंने उन्हें खुद का करियर बनाने की छूट दे रखी है.’ संजय मांजरेकर ने अपने करियर में 37 टेस्ट मैच खेले और 2043 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 218 रन रहा जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में बनाए थे. उनका औसत 37 रहा और उनके नाम पर चार शतक दर्ज हैं.
वीडियो: गावस्कर ने इस अंदाज में की विराट कोहली की प्रशंसा
मांजरेकर ने स्वीकार किया कि राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के आने से मध्यक्रम में प्रतिस्पर्धा बढ़ गयी और इसलिए उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया था. मांजरेकर ने कहा, ‘मैं वापसी के लिए फिर से रणजी ट्रॉफी की कड़ी परीक्षा से नहीं गुजरना चाहता था.’बेबाक टिप्पणियों के मशहूर मांजेरकर ने इस दौरान सचिन तेंदुलकर के साथ अपने रिश्तों पर भी बात की. मांजरेकर ने दिलीप वेंगसरकर, अजित अगरकर और राजू कुलकर्णी जैसे पूर्व क्रिकेटरों की मौजूदगी में कहा, ‘हम मैदान पर एक-दूसरे से टकराते थे तो वह मुझे घूरता और मैं उसे. हमारे बीच अच्छे रिश्ते थे.’मांजरेकर से पूछा गया कि वह किस कप्तान से सबसे अधिक प्रभावित रहे तो उन्होंने तुरंत ही इमरान खान का नाम लिया. उन्होंने कहा, ‘मैं इमरान खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. मैं उनके नेतृत्व में खेलना भी पसंद करता. उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों माइकल एथरटन और नासिर हुसैन को अपना पसंदीदा कमेंटेटर बताया. (इनपुट: भाषा)
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मांजरेकर ने वीडियो के जरिये खुद का साक्षात्कार करने का बेजोड़ तरीका अपनाया और खुद के सवाल पर कहा, ‘पहले मेरी योजना उन्हें किताब में शामिल नहीं करने की थी लेकिन इसके बाद मैंने उन सभी को इसमें जगह देने का फैसला किया जिनका मुझ पर प्रभाव रहा. जब भी वह (पिता स्वर्गीय विजय मांजरेकर) मेरे करीब होते तो मुझे डर का अहसास होता था जो कि उन दिनों (पिता-पुत्र के बीच) आम बात थी.’क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय ने कहा, ‘जिस तरह से उन्होंने (विजय मांजरेकर ने) मेरे साथ व्यवहार किया उसका एक क्रिकेटर के रूप में मेरी सफलता में काफी योगदान रहा. संजय ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मेरे दोनों बच्चों का क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है और मैंने उन्हें खुद का करियर बनाने की छूट दे रखी है.’ संजय मांजरेकर ने अपने करियर में 37 टेस्ट मैच खेले और 2043 रन बनाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 218 रन रहा जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में बनाए थे. उनका औसत 37 रहा और उनके नाम पर चार शतक दर्ज हैं.
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मांजरेकर ने स्वीकार किया कि राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के आने से मध्यक्रम में प्रतिस्पर्धा बढ़ गयी और इसलिए उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया था. मांजरेकर ने कहा, ‘मैं वापसी के लिए फिर से रणजी ट्रॉफी की कड़ी परीक्षा से नहीं गुजरना चाहता था.’बेबाक टिप्पणियों के मशहूर मांजेरकर ने इस दौरान सचिन तेंदुलकर के साथ अपने रिश्तों पर भी बात की. मांजरेकर ने दिलीप वेंगसरकर, अजित अगरकर और राजू कुलकर्णी जैसे पूर्व क्रिकेटरों की मौजूदगी में कहा, ‘हम मैदान पर एक-दूसरे से टकराते थे तो वह मुझे घूरता और मैं उसे. हमारे बीच अच्छे रिश्ते थे.’मांजरेकर से पूछा गया कि वह किस कप्तान से सबसे अधिक प्रभावित रहे तो उन्होंने तुरंत ही इमरान खान का नाम लिया. उन्होंने कहा, ‘मैं इमरान खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. मैं उनके नेतृत्व में खेलना भी पसंद करता. उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों माइकल एथरटन और नासिर हुसैन को अपना पसंदीदा कमेंटेटर बताया. (इनपुट: भाषा)
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