IND vs ENG, 1st ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मैच बर्मिंघम, एजबेस्टन में खेला जाएगा. टी-20 सीरीज में मिली हार के बाद अब भारतीय टीम वनडे में बेहतरीन खेल दिखाना चाहेगी. वनडे सीरीज में रोको- यानी कोहली और रोहित का धमाका देखने को मिल सकता है. विराट कोहली और रोहित शर्मा के खेलने से यह सीरीज काफी अहम है. बता दें कि इस वनडे सीरीज में रोहित शर्मा के पास 11 रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा. हिट मैन के लिए इंग्लैंड में यह आखिरी सीरीज है. ऐसे में फैन्स उम्मीद कर रहे हैं कि रोहित वनडे सीरीज में अपनी बल्लेबाजी से धमाका करें और टीम इंडिया को जीत दिलाने में सफल रहें.
वनडे सीरीज में रोहित के पास 11 महारिकॉर्ड बनाने का मौका
- भारतीय ओपनर के तौर पर सबसे ज़्यादा शतक' का रिकॉर्ड बनाने के लिए 1 शतक की जरूरत है.
- 39 साल की उम्र में वनडे शतक लगाने वाले 'पहले भारतीय खिलाड़ी' बनने के लिए 1 शतक की जरूरत है.
- 'इंग्लैंड के खिलाफ किसी भारतीय की ओर से सबसे ज़्यादा इंटरनेशनल शतक' का रिकॉर्ड बनाने की जरूरत है.
- टीम की जीत में ओपनर के तौर पर सबसे ज़्यादा रन' बनाने के लिए 49 रनों की जरूरत है.
- 'इंग्लैंड के खिलाफ किसी भारतीय ओपनर की ओर से सबसे ज़्यादा वनडे रन' बनाने के लिए 178 रनों की जरूरत है.
- 12,000 वनडे रन' पूरे करने के लिए 80 रनों की ज़रूरत है.
- 'SENA देशों के खिलाफ़ 9,000 रन बनाने वाले एकमात्र एशियाई ओपनर' बनने के लिए 69 रनों की जरूरत है.
- 'इंग्लैंड के खिलाफ किसी भारतीय की ओर से सबसे ज़्यादा छक्के' लगाने के लिए 1 छक्के की ज़रूरत है.
- 'इंटरनेशनल क्रिकेट में SENA देशों के खिलाफ़ सबसे ज़्यादा छक्के' लगाने वाले खिलाड़ी बनने के लिए 3 छक्कों की जरूरत है.
- 'इंग्लैंड में वनडे मैचों में किसी विदेशी खिलाड़ी की ओर से सबसे ज़्यादा छक्के' लगाने के लिए 8 छक्कों की जरूरत है.
भारत संभावित 11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन, शिवम दुबे/अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह
इंग्लैंड प्लेइंग 11: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), विल जैक्स, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जोश टंग, आदिल रशीद
एजबेस्टन की पिच क्या असर दिखाएगी
इंग्लैंड के ज़्यादातर मैदानों की तरह, एजबेस्टन भी ऐसी पिच के लिए जाना जाता है जो बल्लेबाजी के लिए अच्छी होती है और जहां गेंद का उछाल एक जैसा रहता है, जिससे स्ट्रोक खेलने में आसानी होती है. नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआत में थोड़ी मूवमेंट मिल सकती है. वहीं, स्पिनरों को बीच के ओवरों में कभी-कभार गेंद टर्न होती हुई दिख सकती है.
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