भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप खिताब दिलाने वाली हरमनप्रीत कौर, 2024 में मेंस टीम को टी20 चैंपियन बनाने वाले रोहित शर्मा को पद्म सम्मान दिया गया है. रविवार को गणतंत्र की पूर्व संध्या पर सरकरा ने पद्म सम्मानों का ऐलान किया है. टेनिस के पूर्व दिग्गज विजय अमृत राज को पद्म भूषण दिया गया है. इस साल पद्म श्री सम्मान हासिल करने वालों में पेरिस पैरालिंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया, देश में महिला हॉकी में क्रांति लाने वाले कोच बलदेव सिंह, भगवानदास रायकवार और के पजानिवेल शामिल है.
पद्म पुरस्कार - देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में हैं, जो तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री. ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों/गतिविधियों में दिए जाते हैं, जैसे - कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि. ‘पद्म विभूषण' असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, ‘पद्म भूषण' उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और ‘पद्म श्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है. इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है.
विजय अमृतराज को पद्म भूषण
विजय अमृतराज : विजय अमृतराज की पहचान ऐसे खिलाड़ी की है, जिन्होंने टेनिस में भारत को पहचान दिलाई है. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में जन्मे विजय अमृतराज ने 2 बार विंबलडन और US ओपन के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था. वह इस साल खेल जगह से पद्म भूषण हासिल करने वाली एकमात्र हस्ती हैं. पूर्व टेनिस स्टार को इससे पहले 1983 में पद्म श्री और 1974 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
8 खेल हस्तियों को पद्म श्री
हरमनप्रीत कौर: भारतीय महिला टीम ने बीते साल पहली बार आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम पहली बार आईसीसी ट्रॉफी जीतने में सफल रही. हरमनप्रीत की अगुवाई में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और खिताब के सूखे को खत्म किया.
रोहित शर्मा: भारतीय मेंस टीम ने रोहित शर्मा की अगुवाई में 2024 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. पूर्व कप्तान की अगुवाई में टीम इंडिया 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची थी, जबकि पिछले साल टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था.
व्लादिमीर मेस्तविरिशविली: दिग्गज जॉर्जियाई कुश्ती कोच व्लादिमीर मेस्तविरिशविली को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान दिया गया है. उन्होंने कुश्ती में भारत को नई ऊचाइंयों पर पहुंचाया है. 1982 से 1992 तक 10 वर्षों तक जॉर्जियाई टीम के कोच रहे व्लादिमीर मेस्तविरिशविली 2003 में भारत आए और उन्होंने कई ओलंपिक पदक विजेता भारतीय पहलवानों के करियर को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके शिष्यों में ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और बजरंग पुनिया शामिल हैं. टोक्यो 2020 के रजत पदक विजेता रवि दहिया ने भी व्लादिमीर मेस्तविरिशविली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया था.
बलदेव सिंह: बलदेव सिंह: भारतीय महिला हॉकी में बदलाव का श्रेय बलदेव सिंह को जाता है. उन्होंने कई स्टार और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार किया. पूर्व कप्तान रानी रामपाल के कोच बलदेव सिंह रहे हैं. उनकी पहचान महिला हॉकी की नर्सरी के रूप में है.
भगवानदास रायकवार: भगवानदास रायकवार को मार्शल आर्ट्स में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. मध्य प्रदेश के सागर से ताल्लुक रखने वाले 83 वर्षीय रायकवार ने पारंपरिक मार्शल आर्ट्स के लिए अपना जीवन दे दिया. उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र की पारंपरिक मार्शल आर्ट, प्रसिद्ध "बुंदेली युद्ध कला" (अखाड़ा संस्कृति) के संरक्षण और प्रचार में दशकों बिताए हैं.
प्रवीण कुमार: उत्तर प्रदेश के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को भी पद्म श्री दिया गया है. वह ऊंची कूद के एथलीट हैं. उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में इतिहास रच दिया था और पुरुषों की टी-64 स्पर्धा के फाइनल में रजत पदक जीता था. पेरिस ओलिंपिक्स के गोल्ड मेडल विजेता प्रवीण कुमार ने NDTV संवाददाता विमल मोहन से EXCLUSIVE बात करते हुए कहा,"बहुत खुश हूं सर, बहुत ठंड है. अभी तो मां-पिताजी से आशीर्वाद लिया है. सबसे पहले हनुमान मंदिर जाना है और कल सुबह प्रैक्टिस करनी है." प्रवीण कहते हैं,"मेरा टारगेट एशियाड में गोल्ड रीपीट करना है. लॉस एंजेल्स में दुबारा अपने मेडल के साथ राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं. बहुत मेहनत कर रहा हूं. आपको ज़रूर मिठाई खिलाउंगा."
के. पजानिवेल: पुडुचेरी के के. पजानिवेल को प्राचीन तमिल हथियार आधारित मार्शल आर्ट सिलंबम को बढ़ावा देने के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. पुडुचेरी के विख्यात सिलंबट्टम विशेषज्ञ के. पजानिवेल 40 सालों से अभ्यास कर रहे हैं.
सविता पुनिया: भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया को इस साल पद्म श्री सम्मान वाली पांची हस्तियों में शामिल हैं. सविता पूनिया 2016 के रियो ओलंपिक में उस भारतीय टीम में शामिल थीं, जो 36 सालों में पहली बार ओलंपिक का हिस्सा बनी. 2017 में FIH महिला विश्व लीग राउंड 2 में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के बलबूते पर 'गोलकीपर ऑफ़ द टूर्नामेंट' का ख़िताब हासिल किया. इसके बाद उन्होंने महिला एशिया कप 2017 में टीम के लिए अहम योगदान दिया, जिससे भारत को 13 साल बाद ट्रॉफ़ी जीतने में मदद मिली. उन्होंने भारत के लिए उप-कप्तान के रूप में टोक्यो ओलंपिक 2020 के अभियान में एक अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने अपनी टीम को चौथा स्थान हासिल करने में मदद की.
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