
नई दिल्ली:
इंडियन प्रीमियर लीग की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि सहारा पुणे वॉरियर्स मौजूदा वर्ष के लिए फ्रेंचाइजी की पूरी फीस देने में असफल रही जिसके कारण बीसीसीआई ने बैंक गारंटी भुनाना शुरू कर दिया है, इससे आगामी वर्ष में टीम के लुभावनी लीग में खेलने के भविष्य पर बादल छा गए हैं।
बीसीसीआई के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हां, बीसीसीआई ने मौजूदा वर्ष के लिए पुणे वॉरियर्स फ्रेंचाइजी की फीस हासिल करने के लिए बैंक गारंटी भुनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।’
सहारा ने 10 साल के लिए रिकॉर्ड 1702 करोड़ रुपये में पुणे फ्रेंचाइजी खरीदी थी, लेकिन अभी उनका फ्रेंचाइजी फीस कम करने के संबंध में विवाद चल रहा है क्योंकि शुरू में मैंचों की संख्या 94 थी, जिन्हें बाद में कम करके 74 मैच कर दिया गया। यह मुद्दा अब तक नहीं सुलझा है। उन्होंने कहा, ‘इस साल जनवरी में सहारा ने इस साल की फ्रेंचाइजी फीस का करीब 20 प्रतिशत भुगतान कर दिया जो करीब 170 करोड़ रुपये था। बीसीसीआई को बताया गया कि वे बची हुई राशि 19 मई तक दे देंगे लेकिन वे इसमें असफल रहे। आईपीएल की संचालन परिषद ने इसके बाद बैंक गांरटी को भुनाने का फैसला किया।’
बीसीसीआई के सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हां, बीसीसीआई ने मौजूदा वर्ष के लिए पुणे वॉरियर्स फ्रेंचाइजी की फीस हासिल करने के लिए बैंक गारंटी भुनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।’
सहारा ने 10 साल के लिए रिकॉर्ड 1702 करोड़ रुपये में पुणे फ्रेंचाइजी खरीदी थी, लेकिन अभी उनका फ्रेंचाइजी फीस कम करने के संबंध में विवाद चल रहा है क्योंकि शुरू में मैंचों की संख्या 94 थी, जिन्हें बाद में कम करके 74 मैच कर दिया गया। यह मुद्दा अब तक नहीं सुलझा है। उन्होंने कहा, ‘इस साल जनवरी में सहारा ने इस साल की फ्रेंचाइजी फीस का करीब 20 प्रतिशत भुगतान कर दिया जो करीब 170 करोड़ रुपये था। बीसीसीआई को बताया गया कि वे बची हुई राशि 19 मई तक दे देंगे लेकिन वे इसमें असफल रहे। आईपीएल की संचालन परिषद ने इसके बाद बैंक गांरटी को भुनाने का फैसला किया।’
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं