ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने मंगलवार को कहा कि अपने से अधिक उम्र के खिलाड़ियों जैसे सचिन तेंदुलकर ने उन्हें भारत के साथ जारी पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 62 रनों की तेजतर्रार पारी खेलने के लिए प्रेरित किया। मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर जारी चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच के पहले दिन सोमवार को पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 62 रन बनाए। पोंटिंग पिछले सप्ताह 37 वर्ष के हो गए। पोंटिंग का कहना है कि अन्य क्रिकेटर की तरह उन्होंने भी अपने से अधिक उम्र के खिलाड़ी से प्रेरणा ली। 38 वर्षीय तेंदुलकर ने मंगलवार को भारत की पहली पारी में 73 रनों का योगदान दिया। बकौल पोंटिंग, "मुझे लगता है कि उनसे (तेंदुलकर और राहुल द्रविड़) से सबको प्रेरणा लेनी चाहिए।" उल्लेखनीय है कि पोंटिंग इस मैच से पहले खराब फॉर्म से गुजर रहे थे लेकिन भारत के साथ जारी पहले टेस्ट मैच में अर्द्धशतक लगाकर उन्होंने अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। पोंटिंग के मुताबिक, "मेरा हमेशा यही मानना रहा है कि खेल में उम्र ज्यादा मायने नहीं रखती। मैं अब भी सफलता का भूखा हूं और पहले की तरह कड़ी मेहनत कर रहा हूं।" पोंटिंग का कहना है कि भारत के खिलाफ वह बड़ा स्कोर नहीं बना पाने से थोड़ा निराश हैं। पोंटिंग ने 'एबीसी रेडियो' से कहा, "मैं अर्द्धशतक को शतक में परिवर्तित नहीं कर पाने से थोड़ा निराश हूं। पिछली पांच पारियों में यह तीसरा मौका था जब मैंने 50 के आंकड़े को पार किया और शतक बनाने में असफल रहा। सोमवार को मेरी अपनी बल्लेबाजी पर अच्छा नियंत्रण था।" पोंटिंग का कहना है कि वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के बेहद करीब हैं।
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