
भारतीय बल्लेबाजों के गैर जिम्मेदाराना प्रदर्शन का सिलसिला पांचवें और आखिरी टेस्ट में भी बदस्तूर जारी रहा और इंग्लैंड ने उसे पहली पारी में महज 148 रन पर समेटने के बाद बिना किसी नुकसान के 62 रन बना लिए।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का समझदारी भरा फैसला लेने वाले इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 24 रन बनाकर खेल रहे थे, जबकि अब तक खराब फॉर्म के लिए आलोचना झेल रहे सलामी बल्लेबाज सैम राबसन ने 33 रन बना लिए हैं।
इससे पहले पिछले दो टेस्ट हारकर श्रृंखला में 1.2 से पीछे चल रही भारतीय टीम 61.1 ओवर में 148 रन पर आउट हो गई। एक समय पर भारत के छह विकेट 44 रन पर गिर चुके थे और अगर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 82 रन नहीं बनाए होते तो टीम शायद 100 रन का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाती।
इंग्लैंड के लिए क्रिस जोर्डन और क्रिस वोक्स ने 14-14 ओवर में क्रमश: 32 और 30 रन देकर तीन तीन विकेट लिए। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड को भी दो दो विकेट मिले।
अकेले मोर्चा संभालने वाले धोनी ने 33वां टेस्ट अर्धशतक जमाकर भारत को तिहरे अंक तक पहुंचाया। एक समय भारत के पांच विकेट 36 रन पर गिर गए थे। धोनी और ईशांत शर्मा ने आखिरी विकेट के लिए 58 रन जोड़े जो भारतीय पारी की सबसे बड़ी साझेदारी भी थी। चोट के कारण पिछले दो टेस्ट से बाहर रहे ईशांत ने कप्तान का बखूबी साथ निभाते हुए भारत को 150 रन के करीब पहुंचाया।
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