भारतीय टीम में मोहम्मद शमी की वापसी अनिश्चित है. टीम इंडिया के साथ उनका भविष्य धुंधला नजर आता है. फैंस के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि 2023 वर्ल्ड कप के सबसे बेहतरीन बॉलर, अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की दौड़ से लगभग बाहर हो चुके हैं. हालांकि शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन भारतीय टीम में उनकी वापसी की उम्मीदें दिन-ब-दिन कम होती जा रही हैं. शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में एक इंटरनेशनल मैच (वनडे) खेला था. उन्होंने आखिरी टेस्ट 2023 में खेला था. लेकिन शमी अपने प्रदर्शन से सुर्खियां में बने हुए हैं. शमी, शास्त्री से लेकर द्रविड़ तक के साथ काम कर चुके हैं और हाल ही में उन्होंने अपनी पंसदीदा कोच के बार में बताया है.
मोहम्मज शमी से एक इंटरव्यू के दौरान उनके पंसदीदा कोच को लेकर सवाल हुआ था. टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए इस तेज गेंदबाज ने इस दौरान रवि शास्त्री का नाम लिया. शमी ने कहा,"तुलना करना थोड़ा मुश्किल है. मैंने गौती भाई के अंडर में ज्यादा नहीं खेला है. मैंने राहुल भाई और अनिल भाई के साथ काफी समय बिताया है. लेकिन अगर मुझे इन चार में से किसी एक को चुनना हो तो मैं रवि भाई को चुनूंगा. उस स्वतंत्रता के कारण, जब कोई खिलाड़ी लड़ने और मैच खेलने के लिए बाहर जाता है तो आप उसमें जो आक्रामकता देखते हैं, वह आप बाहर से देख सकते हैं (उसकी कोचिंग के साथ)."
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शमी का पिछला यादगार प्रदर्शन 2023 वनडे वर्ल्ड कप में रहा था. उन्होंने सात मैचों में 24 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट के किसी एक एडिशन में किसी भी बॉलर द्वारा लिए गए सबसे ज़्यादा विकेट थे. हालांकि, भारत को फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा. शमी की मानें तो इस असाधारण प्रदर्शन के बाद भी उन्हें इस बात का मलाल है कि वह वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए.
मोहम्मद शमी ने आगे कहा,"यह बात मेरे दिमाग में तस्वीर की तरह छपी हुई है क्योंकि मेरे दिमाग में एक ही अफसोस है कि हमें फाइनल जीतना चाहिए था, बस. मेरे लिए रिकॉर्ड कोई मायने नहीं रखता है. लेकिन हां, कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि जब मैं विश्व कप की पूरी तस्वीर देखता हूं, या कभी-कभी जब कोई रील या सूची मेरे सामने आती है जिसमें दिखाया जाता है कि 'उसने इतने मैच खेले, इतने विकेट लिए,' तो मेरे दिमाग में आईसीसी आयोजनों में छूटे हुए मैच आते हैं."
शमी ने कहा,"वह तस्वीर हमेशा मेरे दिमाग में रहती है कि, यार, मैं हर साल हर आयोजन में तीन, चार, या पांच मैच चूक गया. अगर आप विश्व कप को देखें. तो मैं सोच रहा था, यार, अगर मैंने ये खेला होता, तो मैं सबसे ऊपर बैठा होता."
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