
वीरू ने इससे पहले टीम के चयन को लेकर भी विराट कोहली पर निशाना साधा था (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के खिलाफ आलोचना के सुर तेज होते जा रहे हैं. पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने विराट पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में टीम में कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जो भारतीय कप्तान के सामने सिर उठाकर खड़ा हो सके और मैदान पर उन्हें उनकी गलती बता सके. विराट की ही तरह घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की ही टीम की ओर से खेलते रहे वीरू ने इससे पहले कोहली की उनकी चयन नीति को लेकर आलोचना की थी. सहवाग ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो मैदान पर उन्हें उनकी गलतियां बता सके.’ उन्होंने कहा, ‘हर टीम में चार पांच ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो कप्तान को सलाह देते हैं और उन्हें मैदान पर गलतियां करने से रोकते हैं. अभी कोई भी ऐसा नहीं है जो कोहली को ग़लत फ़ैसला करने पर रोके या टोके.’वैसे, सहवाग ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि कोच रवि शास्त्री ज़रूर कोहली को सलाह देते होंगे. उन्होंने कहा ‘अगर टीम में कोई मतभेद हैं तो सपोर्ट स्टाफ़ सहित सबको बैठकर इसे दूर करने चाहिए.’
वीडियो: गावस्कर ने इस अंदाज में की विराट कोहली की तारीफ
गौरतलब है कि सेंचुरियन के दूसरे टेस्ट के पहले भी सहवाग ने कोहली के निर्णयों की आलोचना की थी. सहवाग ने उस समय एक न्यूज चैनल से चर्चा में कहा था, ‘शिखर धवन को महज एक टेस्ट में विफल होने के बाद और भुवनेश्वर को बिना किसी कारण के बाहर करने के विराट कोहली के फैसले को देखते हुए अगर वह (विराट) सेंचुरियन में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो उन्हें तीसरे टेस्ट की अंतिम एकादश से खुद को बाहर कर लेना चाहिए. ’यह अलग बात है कि विराट ने सेंचुरियन टेस्ट की पहली पारी में 153 रन की जबर्दस्त पारी खेली थी और बल्ले से आलोचकों को जवाब दिया था. (इनपुट: भाषा)
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गौरतलब है कि सेंचुरियन के दूसरे टेस्ट के पहले भी सहवाग ने कोहली के निर्णयों की आलोचना की थी. सहवाग ने उस समय एक न्यूज चैनल से चर्चा में कहा था, ‘शिखर धवन को महज एक टेस्ट में विफल होने के बाद और भुवनेश्वर को बिना किसी कारण के बाहर करने के विराट कोहली के फैसले को देखते हुए अगर वह (विराट) सेंचुरियन में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं तो उन्हें तीसरे टेस्ट की अंतिम एकादश से खुद को बाहर कर लेना चाहिए. ’यह अलग बात है कि विराट ने सेंचुरियन टेस्ट की पहली पारी में 153 रन की जबर्दस्त पारी खेली थी और बल्ले से आलोचकों को जवाब दिया था. (इनपुट: भाषा)
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