
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस साल एलजी पीपुल्स च्वाइस पुरस्कार जीता और हाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद यह पुरस्कार जीतने वाले वह दूसरे भारतीय क्रिकेटर बन गए।
धोनी यह पुरस्कार जीतने वाले तीसरे क्रिकेटर हैं। तेंदुलकर को 2010 में यह पुरस्कार मिला था, जबकि श्रीलंका के कुमार संगकारा 2011 और 2012 में यह पुरस्कार जीत चुके हैं।
इस साल अन्य दावेदारों में ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क, इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक, भारत के विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिलिवियर्स शामिल थे।
बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने धोनी की तरफ से एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक (होम इंटरटेनमेंट)हावर्ड ली से यह पुरस्कार लिया। धोनी भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं।
इस पुरस्कार के लिए दुनियाभर के 1,88,000 क्रिकेटप्रेमियों ने वोट किया। वोटिंग 2 नवंबर को खुली थी और 23 नवंबर तक जारी रही।
पांच नामांकित खिलाड़ियों का चयन आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष और भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली पेनल ने किया था। इसमें इंग्लैंड के एलेक स्टीवर्ट, न्यूजीलैंड की कैथरीन कैंपबेल, पाकिस्तान के वकार युनूस और दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम पोलाक शामिल थे।
नामांकित खिलाड़ियों का चयन एलजी और आईसीसी द्वारा तय मानदंडों के आधार पर किया गया था। इसमें खिलाड़ी की निर्णय क्षमता, दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने क्षमता और रणनीति पर अमल को भी ध्यान में रखा गया। धोनी ने पुरस्कार जीतने पर कहा, 'इस पुरस्कार से मुझे काफी संतोष मिला है क्योंकि यह क्रिकेटप्रेमियों ने चुना है।'
उन्होंने कहा, 'क्रिकेटप्रेमियों से सराहना मिलने से हमें अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरे लिये वोटिंग की।'
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