Mohammad Shami IPL 2026: मो. शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आते हैं जो जॉन एलिया की ज़मीन भी रही है. जॉन एलिया ने कभी लिखा था, “अपने सब यार काम कर रहे हैं और हम हैं कि नाम कर रहे हैं” जॉन एलिया की ये पंक्तियां मो. शमी पर ज़बरदस्त फ़िट बैठती हैं. मो. शमी के कोच बदरुद्दीन सिद्दिक़ी मुरादाबाद से NDTV से फ़ोन पर बात करते हुए कहते हैं, “मो. शमी आईपीएल में अबतक की सबसे अच्छी गेंदें डाल रहे हैं. मुझे याद नहीं कि उन्होंने इससे पहले पिछले आईपीएल में कभी इतनी अच्छी गेंदें कभी डालीं हों.”
कोलकाता के ख़िलाफ़ ईडन गार्डन्स पर मो. शमी ने 4 ओवरों में 6.75 की इक़नमी से 27 रन खर्चे और कोई विकेट नहीं लिए. इस सीज़न अबतक के तीन मैचों में शमी ने 12 ओवरों में सिर्फ 64 रन खर्च कर 3 विकेट लिए हैं. उनकी इकॉनमी सिर्फ 5.33 की रही है. 1 से ज़्यादा मैच खेलनेवालों की लिस्ट में मौजूदा आईपीएल के गेंदबाज़ों की लिस्ट में मो. शमी जाहिर तौर पर टॉप पर हैं.
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— Lucknow Super Giants (@LucknowIPL) April 9, 2026
शमी के स्लोअर का कहर, क्यों हो गए हैं वो ज्यादा खतरनाक?
शमी के कोच बदरुद्दीन साहब NDTV से बात करते हुए कहते हैं, “उन्होंने बहुत मेहनत की है. नाइट में भी प्रैक्टिस की है और गेंद को गीला करके भी काफ़ी गेंदें डालीं हैं. गीली गेंद डालने से फ़ायदा तो होता ही है. इस बार शमी ने अपने स्लोअर पर भी बहुत काम किया है.”

कोच बदरुद्दीन बताते हैं कि शमी ने इस बार अपने स्लोअर पर भी इतना काम किया है कि उन्हें एक अलग कॉन्फ़िडेंस आ गया है. वो अपने स्लोअर गेंदों का बार-बार इस्तेमाल भी कर रहे हैं. कोच के मुताबिक शमी पहले अपने स्लोअर का इतना इस्तेमाल नहीं करते थे. पिछले वनडे वर्ल्ड कप 2023 में शमी ने अपनी सीम पोज़ीशन और फिटनेस से दुनिया के दिग्गजों का दिल जीत रहे थे तो इस बार उनके स्लोअर क़हर ढा रहे हैं.
कोच कहते हैं, “शमी के स्लोअर घातक हो गए हैं. उन्होंने पिछले मैच में हैदराबाद के ख़िलाफ़ मैच में अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड जैसे ख़तरनाक ओपनर्स को अपने स्लोअर से फांस लिया.” कोच ये भी कहते हैं कि टीम इंडिया के इस जांबाज़ की गेंदबाज़ी एक क़िताब की तरह है. इसे देखकर युवा खिलाड़ी सबक ले सकते हैं. कोच बताते हैं कि कैसे दूसरी टीमों के गेंदबाज़ भी शमी से बात कर सीखने की कोशिश कर रहे हैं.
जरूर मिलेगी फिर टीम इंडिया में जगह
IPL में दिल्ली और टीम इंडिया के कामयाब पेसर गोपालगंज के मैक्ग्रा मुकेश कुमार कहते हैं, “शमी भैया से काफ़ी कुछ सीखने को मिला है. वो बराबर बताते रहते हैं कि कैसे गेंदबाज़ी करनी चाहिए. क्या कमी हो रही है और कैसे सुधार कर सकते हैं. बंगाल टीम के लिए खेलने की वजह से शमी भैया से बहुत मदद मिली है.”
मोहम्मद शमी ने बंगाल के लिए खेलते हुए 2025-26 डोमेस्टिक सीजन में भी शानदार प्रदर्शन किया और कुल 68 विकेट लेकर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को संदेश भी भेजा. कोच बदरुद्दीन मानते हैं कि शमी खुद को साबित करने के लिए भी ज़्यादा मेहनत और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
35 साल के शमी ने अपना आख़िरी टेस्ट मैच 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में ‘द ओवल' पर लंदन में खेला था. जबकि, आख़िरी वनडे 2025 में दुबई में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ चैंपियंस ट्रॉफ़ी में खेला था जहां भारत को ख़िताब भी हासिल हुआ था. लेकिन उसके बाद से शमी डोमेस्टिक क्रिकेट में धुंआधार प्रदर्शन के बावजूद टीम में वापसी की राह देखते रह गए. कोच मानते हैं कि ये आईपीएल शमी के लिए शानदार साबित होगा और वो फिर से वनडे और टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया में ज़रूर वापसी करेंगे.
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