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राजस्थान के IPL फाइनल से बाहर होने के बाद सैम कुरेन पर आगबबूला हुए कुमार संगकारा, बताया धोखेबाज

IPL 2026, Kumar Sangakkara on Sam Curran: आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है. इस सत्र में भी ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस मामूली फिटनेस समस्याओं के कारण प्रतियोगिता के दूसरे चरण में अपनी-अपनी टीमों से जुड़े थे.

राजस्थान के IPL फाइनल से बाहर होने के बाद सैम कुरेन पर आगबबूला हुए कुमार संगकारा, बताया धोखेबाज
IPL 2026, Kumar Sangakkara Big Statement on Sam Curran

Kumar Sangakkara React on Sam Curran: राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने राजस्थान रॉयल्स के आईपीएल से बाहर होने के बाद अंग्रेज क्रिकेटर सैम कुरेन को धोखेबाज करार दिया  है. राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम कुरेन के आईपीएस से अंतिम समय में हटने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीसीसीआई को यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी सख्त नीति जारी रखनी चाहिए कि विदेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान अपने अनुबंधों का पूरी तरह पालन करें. कुरेन ने जांघ के अंदरूनी हिस्से (ग्रोइन) में चोट का हवाला देते हुए आईपीएल से नाम वापस ले लिया था. इंग्लैंड लौटने के बाद हालांकि वह टी20 ब्लास्ट में अपनी काउंटी टीम सरे के लिए तीन मैच खेल चुके हैं, जिससे उनके आईपीएल से हटने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है. इस सत्र में भी ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क और पैट कमिंस मामूली फिटनेस समस्याओं के कारण प्रतियोगिता के दूसरे चरण में अपनी-अपनी टीमों से जुड़े थे.

संगकारा ने कहा, ‘‘हमें बताया गया था कि सैम कुरेन को ऐसी चोट लगी है जिसके कारण वह पूरे सत्र से बाहर हो गए हैं, लेकिन मैंने उन्हें सरे के लिए दो-तीन मैच खेलते हुए देखा है. यह निश्चित रूप से निराशाजनक है.'' उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते थे कि वह हमारे लिए खेलते, लेकिन हमें पहले ही स्थिति की जानकारी दे दी गई थी और हमने उनके स्थान पर दासुन शनाका को शामिल किया. जिस तरह टीम ने परिस्थितियों का सामना किया, उस पर सभी को गर्व होना चाहिए.'' 

विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत के सवाल पर संगकारा ने कहा कि स्पष्ट और सख्त नीति हमेशा जरूरी होती है.  हालांकि उन्होंने माना कि गंभीर चोटों के मामलों में खिलाड़ियों की स्थिति को समझना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में सख्त नीति हमेशा आवश्यक होती है. बीसीसीआई की नीति भी काफी कड़ी है। खिलाड़ियों को चोट लगना खेल का हिस्सा है और यदि चोट वास्तव में गंभीर हो तो हम उसे समझते हैं.'' 

श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘हमारी टीम भी चोटों से प्रभावित रही है। एडम मिल्ने, शिमरोन हेटमायर, लुआन-द्रे प्रिटोरियस और क्वेना मफाका जैसे खिलाड़ी यहां रहे. भले ही उन्हें अधिक मैच खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अभ्यास किया, टीम के साथ समय बिताया और हर संभव तरीके से योगदान दिया. किसी खिलाड़ी का आना या नहीं आना अंततः उसका व्यक्तिगत निर्णय होता है.'' 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बीसीसीआई की मौजूदा नीति काफी सख्त है और इसे आगे भी इसी तरह लागू किया जाना चाहिए, ताकि अनुबंध संबंधी दायित्वों का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पालन हो सके। इससे आईपीएल की सभी टीमों को लाभ मिलेगा."

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