भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान का समर्थन करते हुए अपने पुराने दोस्त के साथ मानवीय व्यवहार और उन्हें जरूरी सुविधाएं देने की मांग की है. यह मांग तब की गई है जब 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर जेल में बंद पूर्व नेता के लिए बेहतर हालात की अपील की है. कपिल ने कहा कि वे समझते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से बोलने से क्यों हिचकिचा सकते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि देश के बाहर रहने वाले लोग अपनी चिंता जाहिर कर सकते हैं.
कपिल ने 'रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप' के लॉन्च के मौके पर पत्रकारों से कहा,"मुझे नहीं लगता कि मैं उन्हें दोष दे सकता हूं, क्योंकि पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को पाकिस्तान में ही रहना है, लेकिन हम बाहर से देख रहे हैं. हां, मैं अपने उस दोस्त का समर्थन करना चाहता हूं, जिसके साथ हमने खेला और जिसकी क्रिकेटिंग स्किल्स की हमने तारीफ की. हम बार-बार कहते हैं कि हमें देश के कानून के बारे में जानकारी नहीं है."
कपिल ने आगे कहा,"यह ठीक है. लेकिन इंसानियत और किसी कैदी को - चाहे वह कोई भी हो - सुविधाएं देना जरूरी है. वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि उनके साथ सबसे अच्छा व्यवहार हो. हम और क्या मांग रहे हैं? हम और कुछ नहीं मांग रहे हैं."
जिन 21 पूर्व कप्तान और खिलाड़ियों ने पत्र लिखा है उसमें भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर, इंग्लैंड के सबसे लंबे समय तक कप्तान रहे सर एलिस्टर कुक समेत कई पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं. पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने अपने पत्र में तीन मांगें रखीं. बीते 6 महीनों में यह इस तरह की दूसरी सामूहिक अपील थी. इससे पहले फरवरी में एक चिट्ठी लिखी गई थी जिसमें 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान की सेहत को लेकर चिंता जताई थी.

पहली मांग यह है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बने मेडिकल बोर्ड से खान की जांच कराई जाए – जिसमें उनके निजी डॉक्टर भी शामिल हों – खासकर उनकी दाहिनी आंख की रोशनी जाने की जो बात सामने आई है, उसे लेकर.
उन्होंने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि वे खान के परिवार को हर हफ़्ते उनसे मिलने की इजाज़त दें, जैसा कि कोर्ट ने आदेश दिया है, और यह मुलाक़ात "बिना किसी रुकावट या प्रशासनिक देरी" के हो.
आखिर में, उन्होंने मांग की कि मेडिकल बोर्ड जो भी इलाज सुझाए, वह "बिना किसी देरी के" दिया जाए.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल की पहल पर लिखे गए इस पत्र में कहा गया है,"इमरान खान 73 साल के हैं और अब वे तीन साल से ज़्यादा समय से हिरासत में हैं." "उनके मामले से जुड़े कानूनी और राजनीतिक तर्क चाहे जो भी हों, हमारी नज़र में कोर्ट के आदेश के मुताबिक मेडिकल प्रक्रिया को पूरा करने की बुनियादी बात कोई विवादित मांग नहीं है."
इस पर हस्ताक्षर करने वालों में इंग्लैंड के माइकल एथरटन, माइकल ब्रेयरली, नासिर हुसैन, एंड्रयू स्ट्रॉस और डेविड गोवर; भारत के कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर, और ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क, एडम गिलक्रिस्ट, स्टीव वॉ और किम ह्यूजेस शामिल थे.
पूर्व कप्तानों में से चौदह ने फरवरी में खान के लिए "मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल देखभाल" की अपील का भी समर्थन किया था. उस समय खान के वकील ने दावा किया था कि जेल अधिकारियों के कार्रवाई न करने के कारण उनके मुवक्किल की दाहिनी आंख की देखने की क्षमता केवल 15% रह गई थी.
दोनों पत्रों पर हस्ताक्षर करने वालों ने खुद को "पूर्व साथी और प्रतिद्वंद्वी बताया, जिनके बीच क्रिकेट के मैदान पर बना एक रिश्ता है", और कहा कि यह रिश्ता "उन सीमाओं और विवादों से ऊपर है जो अक्सर देशों को बांटते हैं."
खान, जो पहले पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे, 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे. उन्हें अगस्त 2023 में जेल में डाल दिया गया था और उन पर 100 से ज़्यादा मामलों में आरोप लगाए गए हैं - जिनमें सरकारी राज़ लीक करने से लेकर सरकारी तोहफ़े बेचने तक के आरोप शामिल हैं - और वे तथा उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़' का कहना है कि ये सभी आरोप राजनीतिक कारणों से लगाए गए हैं.
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