- जैक कैलिस ने गंभीर की रणनीति का समर्थन करते हुए ऑलराउंडरों की टीम में मौजूदगी को बैलेंस के लिए जरूरी बताया
- कैलिस का मानना है कि ऑलराउंडर बैटिंग लाइनअप को मजबूत करते हैं और टीम को आक्रामक खेलने की स्वतंत्रता देते हैं
- ऑलराउंडर छोटे फॉर्मेट में अधिक प्रभावशाली होते हैं और सही टीम संरचना के लिए अनिवार्य माने जाते हैं
Jacques Kallis on Gautam Gambhir: कोच गौतम गंभीर की रणनीति को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही है. कई पूर्व क्रिकेटरों ने टेस्ट में ज्यादा से ज्यादा ऑलराउंडरों की टीम में शामिस किए जाने पर अपनी नाराजगी जताई है तो वहीं दूसरी ओर महान ऑलराउंडर जैक कैलिस ने गंभीर को सपोर्ट करते हुए उनके रणनीति को सपोर्ट किया है. महानतम ऑलराउंडर माने जाने वाले जैक्स कैलिस ने गंभीर के तरीके का बचाव किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के ज़माने में मल्टी-स्किल्ड खिलाड़ी कितने कीमती हैं.
SA20 लीग के लिए मीडिया से बातचीत के दौरान, कैलिस ने कहा कि "कई ऑल-राउंडर होने से ओवरऑल बैलेंस मजबूत होता है और बैटिंग ऑर्डर में खिंचाव आता है, जिससे टीमों को शुरुआत से लेकर बीच के ओवरों में अटैक करने का कॉन्फिडेंस मिलता है."
जैक कैलिस ने आगे कहा, " हां, 100 परसेंट. ऑल-राउंडर टीम में असली बैलेंस लाते हैं. वे आपकी बैटिंग लाइनअप को मजबूत करते हैं और आपको शुरुआत में और बीच के ओवरों में अटैक करने की आजादी देते हैं. वे सही टीम स्ट्रक्चर बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी हैं. इसलिए मुझे लगता है कि ऑल-राउंडर किसी भी फॉर्मेट में ज़रूरी हैं, लेकिन छोटे फॉर्मेट में उनका असर और भी ज़्यादा हो जाता है.
भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले उन आलोचकों में शामिल हो गए जिन्हें लगा कि गंभीर के अप्रोच में क्लैरिटी की कमी है, उन्होंने बताया कि ऑल-राउंडरों पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने से भारत की बैटिंग और बॉलिंग यूनिट्स में सच्चे स्पेशलिस्ट की ज़रूरत कम हो जाती है.
उन्होंने JioStar से कहा, "टेस्ट मैच क्रिकेट के लिए एक अलग अप्रोच की ज़रूरत होती है. आप बहुत ज़्यादा ऑल-राउंडर, टीम में लगातार बदलाव, या बैटिंग ऑर्डर में बार-बार बदलाव का जोखिम नहीं उठा सकते."
पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद भी गंभीर की आलोचना करने से पीछे नहीं हैं, उन्होंने ऑल-राउंडर पर उनके फोकस को “ब्रेन-फेड ऑब्सेशन” बताया. एक गुस्से वाले सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में भारत जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, उससे सच में बहुत निराश हूं. ऑल-राउंडर का ऑब्सेशन पूरी तरह से ब्रेन-फेड है, खासकर तब जब आप उन्हें बॉलिंग नहीं करते. खराब टैक्टिक्स, खराब स्किल्स, खराब बॉडी लैंग्वेज और घर पर 2 सीरीज़ में पहले कभी नहीं हुई व्हाइट वॉश.”
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं