नई दिल्ली : भारत ने गुरुवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 109 रन से हराया और सेमी-फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
भारत की जीत का पहला बड़ा सूत्र था टॉस जीतना और बैटिंग चुनना। क्वार्टर फाइनल जैसे दबाव भरे मैच में बांग्लादेश के सामने 303 रन का लक्ष्य बहुत बड़ा था और ऐसे भी मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर आज तक कोई भी टीम 300 से ज्यादा रन का पीछा करते हुए जीती नहीं है। इस मैदान पर सबसे ज्यादा 295 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 2011 में इंग्लैंड को हराया था और जीत के सूत्रधार थे शेन वाटसन जिन्होंने 161 रन की शानदार नाबाद पारी खेली थी।
बांग्लादेश की टीम में वाटसन जैसा खिलाड़ी नहीं है जो ऐसी शानदार पारी खेल सके। अगर इतिहास के नजरिए से देखा जाए तो आज तक बांग्लादेश ने कभी भी 300 से ज्यादा रन पीछा करते हुए भारत को नहीं हराया है। लेकिन 2015 के वर्ल्ड कप में लीग मैच के दौरान बांग्लादेश ने जरूर 319 रन का पीछा करते हुए स्कॉटलैंड को हराया था। 2011 से लेकर अब तक एशिया के बाहर भारत ने जब भी 270 से ज्यादा रन बनाए हैं, 70 प्रतिशत से ज्यादा मैचों में उसे जीत मिली है। अगर बांग्लादेश की बात की जाए तो 2011 से एशिया से बहार 280 से ज्यादा रन का पीछा करते हुए बांग्लादेश करीब 70 प्रतिशत मैच हारा है।
भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत की नींव तैयार की। शिखर धवन और रोहित शर्मा के बीच पहले विकेट के लिए शानदार 75 रनों की सझेदारी हुई। भारत की सलामी जोड़ी ने जब भी 50 से ज्यादा रन बनाए हैं, भारत को 69 प्रतिशत मैचों में जीत मिली है। जहां भारतीय बल्लेबाजों ने बैटिंग पावर प्ले यानी पहले 10 ओवर में बिना विकेट खोए 51 रन बनाए वहीं बांग्लादेश ने पहले 10 ओवर में सिर्फ 44 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे जो बांग्लादेश के खिलाफ गया। भारत की जीत के नायक रोहित शर्मा ने शानदार 137 रन की पारी खेली। रोहित का बांग्लादेश के खिलाफ यह पहला शतक और वर्ल्ड कप में दूसरा शतक है।
10 से लेकर 35 ओवर के बीच भारत के बल्लेबाजों ने संभलकर खेला और ज्यादा विकेट नहीं खोए। 2011 से एशिया के बाहर भारत ने जब भी 30 ओवर तक 4 से कम विकेट गंवाए हैा, भारत की जीत का प्रतिशत 75 रहा है। गुरुवार को भी भारत ने 30 ओवर तक सिर्फ तीन विकेट गंवाए थे। विकेट हाथ में होने की वजह से भारत ने आखिरी बैटिंग पवार प्ले यानी 35 से लेकर 40 ओवर तक बिना विकेट खोए 50 रन बनाए और आखिर 10 ओवर में तेजी से खेलते हुए 302 तक पहुंच गया। जबकि बांग्लादेश ने 10 से लेकर 30 ओवर तक पांच विकेट खो दिए थे और बैटिंग पावर प्ले में सिर्फ 30 रन ही बना। बांग्लादेश की पूरी टीम 193 रन पर ऑल आउट हो गई, इसके साथ 2015 के वर्ल्ड कप से बांग्लादेश की टीम बहार हो गई।
बांग्लादेश जरूर यह मैच हार गया हो लेकिन बांग्लादेश जैसी कमज़ोर टीम के लिए क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना बहुत बड़ी बात है। बांग्लादेश ने 35 ओवर तक भारत की रन की गति को रोक के रखा लेकिन अनुभव की कमी की वजह से आखिर 15 ओवर में भारत के सामने घुटने टेक दिए। और वैसे भी भारत जैसी शानदार टीम जो अच्छी फॉर्म में चल रही हो उसे हराना बांग्लादेश जैसी टीम के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था।
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