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INZ vs NZ 3rd ODI: अगर इन 5 में से टीम गिल 2 प्वाइंट्स में भी चूकी, तो समझो सीरीज गई हाथ से

India vs New Zealand, 3rd ODI: पहला मैच जीतने वाली टीम इंडिया की पोल कई पहलुओं में न्यूजीलैंड में राजकोट में खोल दी. यहां से भारत को कई चैलेंजों को पार करना होगा

INZ vs NZ 3rd ODI: अगर इन 5 में से टीम गिल 2 प्वाइंट्स में भी चूकी, तो समझो सीरीज गई हाथ से
New Zealand tour of India, 2026: रोहित शर्मा सीरीज में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं
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India vs New Zealand: मेहमान न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला टीम शुभमन गिल के लिए करो या मरो जैसा हो चला है. और अगर रविवार को भारत को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में  सीरीज 2-1 से जीतनी है, तो उसे कई पहलुओं पर काम करना होगा. यू तो यहां ऐसे कई छोटे-बड़े प्वाइंट हैं, लेकिन चलिए आपको उन 5 बड़ी बातों के बारे में बता देते हैं, जिनका तोड़ अगर नहीं निकाला, या इनमें से 2 में भी चूके, तो टीम शुभमन गिल (Shubman Gill) के  लिए खासी मुश्किल हो जाएगी. भारत ने वडोदरा में पहले वनडे में 4 विकेट से जीत हासिल की थी, तो न्यूजीलैंड ने राजकोट में मेजबानों को 7 विकेट से मात देकर हिसाब बराबर कर दिया. लेकिन मनोवैज्ञानिक लड़ाई में प्रदर्शन के लिहाज से कीवी टीम आगे दिखाई पड़ रही है. बहरहाल, आप आप बारी-बारी से 5 कारणों के बारे में जान लीजिए:


1. टॉप ऑर्डर का चलना जरूरी है

सवाल इस ऑर्डर में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर को लेकर सबसे ज्यादा हैं. रोहित शुरुआती दोनों मुकाबलों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं, तो निराश श्रेयस अय्यर ने भी किया है. राजकोट की आसान पिच पर अगर भारत न्यूजीलैंड से हार गया, तो बड़ी वजह यह रही कि टीम इंडिया वह स्कोर नहीं बना सकी, जो कीवियों पर मनोवैज्ञानिक रूप से वार करता. और ऐसा स्कोर नहीं ही बना सका तो सबसे बड़ी वजह टॉप 3 स्टार रोहित, विराट और अय्यर तीनों की ही नाकामी रही. 

3. सवाल रवींद्र जडेजा का?

पूर्व क्रिकेटरों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि अक्षर पटेल फिलहाल जडेजा से कहीं आगे हैं. बढ़ती उम्र के बीच नाकामी से ज्यादा बोझ दिख रहे जडेजा ने अपने प्रति आलोचना का स्तर कहीं ऊंचा कर लिया. जड्डू अभी तक दो मैचों में बल्ले से 15.50 का ही औसत निकाल सके हैं, तो गृह राज्य मैदान राजकोट में बहुत ज्यादा धीमा स्ट्राइक-रेट किसी के भी गले नहीं उतरा. वहीं, उनकी गेंदबाजी का  आलम यह है कि फेंके 17 ओवरों में वह एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं. 

3. कुलदीप का जादू नही चला!

यह सही है कि कीवी बल्लेबाज स्पिनरों के खिलाफ पहले से खासे मजबूत हुए हैं, लेकिन कुलदीप की चमक उनके पिछले हालिया प्रदर्शन जैसी नहीं ही रही है. कुलदीप 2 मैचों में 2 ही विकेट ले सके हैं, तो वहीं उनका इकॉनमी रेट (7.05) सबसे ज्यादा है. देखा गया है कि सबसे बड़ी जरूरत पर कुलदीप मारक मार करते रहे हैं. और सीरीज कब्जाने के लिए उनके विकेट जरूरी हैं. 

4. नितीश रेड्डी का इलाज क्या ?

करियर का शानदार आगाज करने वाले नितीश रेड्डी को लेकर अब सवाल ज्यादा हैं. इतना नीचे आते हैं कि उनसे योगदान मिल भी पाएगा, इसकी गारंटी नहीं है. वहीं दो मैचों में दो ओवर फिंकवाना अब भारतीय प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सेलेक्टरों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है. सवाल यह है कि नितीश कैसे ऑलराउंडर हैं? करो-मरो की जंग में प्रबंधन नितीश का क्या इलाज निकालेगा? कोई विकल्प है क्या? फिलहाल तो एक ही विकल्प दिख रहा कि वह तूफानी प्रदर्शन कर दो मैचों को भुलाने पर मजबूर कर दें, लेकिन सवाल इसे लेकर भी है. क्या रेड्डी  ऐसा वास्तव में कर पाएंगे? 


5. डारेल मिशेल के गले में घंटी कौन बांधेगा?

अभी तक तो गौतम के तमाम गंभीर अस्त्र-शस्त्र नाकाम रहे हैं.सबूत के तौर पर आप औसत देखिए. दो मैचों में 215 रन  और इतना ही औसत. दोनों मैचों में एक बार डारेल मिशेल नाबाद रहे. और जैसी बल्लेबाजी वह कर रहे हैं, उसे देखते हुए भारत को सीरीज पर मुहर लगाने के लिए हर हाल में मिशेल को सस्ते में पवेलियन भेजना जरूरी है. अगर इंदौर में भी चूके, तो मिशेल अगले मैच का फैसला कर देंगे! 

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