आईपीएल में गेंदबाजों की बखियां उधेड़ने वाले बल्लेबाजों को जब आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियां मिलीं तो यह शेर औंधे मुंह गिरे. टीम इंडिया भारत को पहले आयरलैंड और अब इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है. बल्लेबाज हो चाहें गेंदबाज, सब संघर्ष कर रहे हैं. तेज पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की कलई खुल गई. संजू सैमसन को बाहर रखकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाने का जुआ भी नहीं चला. आमल यह है कि भारत अब शानिवार को अपना सम्मान बचाने और व्हाइट बॉश टालने के इरादे से उतरेगा. वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ियों के इस तरह सरेंडर करने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भी एक्शन में है और वो खिलाड़ियों और कोचिंग स्टार की समीक्षा करने को तैयार है.
इंग्लैंड की तेज पिचों ने खोली कलई
इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर आईपीएल के शेर संघर्ष करते नजर आए. आईपीएल में पाटा विकटों पर टीमों ने 200 को न्यू नॉर्मल बना दिया. 200 के स्कोर बने भी और आसानी से चेज भी हुए. अभिषेक और वैभव ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी गेंदबाजों की बखियां उधेड़ी, लेकिन जैसे ही पिच से थोड़ी बाउंस मिला और स्क्वायर बाउंड्री बड़ी हुई, भारतीय बल्लेबाज मैदान से चारों कोनों में शॉट लगाने और हार्थ लेंथ गेंदों का सामना करने में परेशान दिखे. आयरलैंड दौरे पर हाथ लेंथ गेंद पर भारत ने 6 विकेट गंवाए जबकि इंग्लैंड में यह आंकड़ा तीसरे मैच के बाद 7 विकेट था. चौथे मुकाबले के बाद यह आंकड़ा 9 हो गया है.
नहीं चला सूर्यवंशी का जुआ
आयरलैंड दौरे पर वैभव को मौका ना देने पर कई सवाल उठे. गावस्कर जैसे दिग्गजों ने मांग की कि सूर्यवंशी को सीरीज के पहले मुकाबले से ही मौका मिले. हालांकि, वैभव को दूसरे मैच से मौका मिला. तीन मैचों के बाद उनके कुल रन 42 है. 14 का औसत और 168 का स्ट्राइक रेट. वैभव के स्कोर हैं- 13, 14 और 15. बाउंड्री लगाने में माहिर वैभव तीन मैचों में सिर्फ 5 चौके लगा पाए हैं. साफ है कि संजू को बाहर बिठाकर वैभव को लाने का जुआ काम नहीं आया.
टॉप ऑर्डर गिरा औंधे मुंह
ईशान किशन ने आईपीएल में 602 रन बनाए थे 182.42 की स्ट्राइक रेट और 40 की औसत से. जबकि अभिषेक ने 204.72 की स्ट्राइक रेटऔर 40.21 की औसत से 563 रन बनाए. अभिषेक ने आयरलैंड दौरे पर शुरुआत दिलाई. इंग्लैंड दौरे पर यह हाल रहा, लेकिन फिर पारी आगे नहीं बढ़ा पाए. जबकि ईशान का तो बुरा हाल हुआ. बात अगर तिलक की करें तो उनका प्रदर्शन भी औंधे मुंह गिरा. अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में सिर्फ 4 मैचों में 185.51 की स्ट्राइक रेट से 128 रन बनाए हैं. जबकि चार मैचों के बाद ईशान के सिर्ऱ 66 रन हैं और तिलक के 51. टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाज, जो भारतीय बैटिंग का आधार रहे, वो बुरी तरह फ्लॉप रहे और टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा.
गंभीर का प्लेइंग इलेवन कन्फ्यूजन
सवाल सिर्फ खिलाड़ियों तक ही नहीं बल्कि टीम मैनेजमेंट पर भी हैं. टीम मैनेजमेंच ने खिलाड़ियों के क्रम के साथ खूब प्रयोग किए, जो सफल नहीं हुए. तीसरे टी20 में हर्षित को शिवम दुबे से पहले भेजा गया. ऑल-राउंडर दुबे 8वें क्रम पर बल्लेबाजी को आए. वाशिंगटन सुंदर फ्लॉप होने के बाद प्लानिंग से बाहर हुए. सूर्यांश शेडेगे को एक मैच के बाद मौका नहीं मिला. इसके अलावा टीम में चार ऑलराउंडर रखे गए हैं, लेकिन यह ऑलराउंडर ना तो विकेट ले पा रहे हैं और ना ही रन बना पा रहे हैं.
सैमसन विवाद का प्रदर्शन पर असर?
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि जिस तरह से संजू सैमसन को टीम इंडिया से बाहर किया गया, उससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ा है. खिलाड़ियों में भरोसे की कमी दिखी है. कप्तान अय्यर ने कहा है कि यह बदलाव का दौर है, लेकिन इस बदलाव के दौर में टीम में सिर्फ 3 खिलाड़ी ही प्लेइंग इलेवन तक आए हैं. वैभव, कप्तान अय्यर खुद और प्रिंस यादव. बुमराह को आराम दिया गया है, ऐसे में प्रिंस यादव को मौका मिला है. तो टीम का प्रदर्शन गिरा क्यों है? सिर्फ गेंदबाजों के प्रदर्शन की बात नहीं है क्योंकि वह तो संघर्ष कर रहे हैं, बल्लेबाज भी संघर्ष कर रहे हैं. कप्तान अय्यर और कोच गंभीर को जल्द से जल्द वो विनिंग फॉर्मूल बनाना होगा, जो जीत दिलाए, क्योंकि यहां से मिली एक और हार भारत का नंबर-1 का ताज छिन लेगी.
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