India V/S New Zealand: भारत-श्रीलंका में अगले महीने शुरू होने वाले टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) से पहले भारत के पास सिर्फ दो मैच (चौथे टी20 को मिलाकर). ऐसे में मेगा इवेंट के अभियान के आगाज से पहले कई पहलुओं को अंजाम देना है. इसी को ध्यान में रखते हुए गंभीर एंड कंपनी ने सीरीज के चौथे टी20 मुकाबले (Ind vs Nz 4th T20I) में विशाखापट्टम मैच से पहले बड़ा फैसला लिया तो जरूर, लेकिन कम से कम शुरुआत में तो इसकी न्यूजीलैंड बल्लेबाजों ने पोल खोल दी क्योंकि उन्होंने भारत के खिलाफ करीब 6 साल पुराना बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए आईना भी दिखा दिया कि अभी इस क्षेत्र में भारतीय गेंदबाज और कोचिंग स्टॉफ को खासा काम करना बाकी है.
तोड़ दिया छह साल पुराना रिकॉर्ड
कीवी बल्लेबाजों ने भारत से पहल बैटिंग न्योता पाने के बाद मेजबान बॉलरों की जमकर धुनाई की. हालांकि, गेंद शुरुआत से ही आधी पारी तक ही टप्पा पड़ने के बाद गेंद धीमी बल्ले पर आ रही थी, लेकिन धीमा अंदाज कीवी बल्लेबाजों को सुहाता है क्योंकि वे अपने देश में ऐसी ही पिचों पर खेलते हुए बड़े हुए हैं. पिछले मैचों में नाकाम रहे डेवोन कॉन्वे (44 रन, 23 गेंद, 4 चौके, 3 छक्के) और दूसरे छोर पर खासकर विकेटकीपर टिम सेईफर्ट ने जमकर शॉट लगाए. नतीजा यह निकला कि न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ पावर-प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों में सबसे ज्यादा रन बनाने का अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया. दोनों ओपनरों ने मिलकर इन छह ओवरों में 71 रन बना डाले. इससे पिछला रिकॉर्ड बिना नुकसान के 68 रन का था, जो कीवी बल्लेबाजों ने करीब छह साल पहले 2020 में ऑकलैंड में बनाया था. अब कारनामा ऐसा हुआ, तो एक और सवाल पैदा हो गया.
फैंस पूछ रहे, इस फैसले का क्या फायदा?
न्यूजीलैंड का यह रिकॉर्ड तब आया, जब भारत ने इस मैच में टी20 विश्व कप से पहले खुद की क्षमता को तौलने के लिए एक बड़ा प्रयोग किया. और बल्लेबाज ईशान की जगह बॉलर अर्शदीप सिंह को जगह दी. मतलब इंडिया ने एक बल्लेबाज की कीमत पर मुकाबले में पांच गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया, लेकिन इस बड़े फैसले के बावजूद कीवी ओपनरों ने मिलकर भ ारतीय बॉलरों की पावर-प्ले में जमकर धुनाई करते हुए उसके खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बना दिया. मतलब शुरुआती बहुत ही अहम ओवरों में यह रणनीति पूरी तरह फेल कर गई. इस दौरान
गंभीर के चहते हर्षित राणा सबसे महंगे बॉलर रहे, जिन्होंने दो ओवर में 27 रन खर्च कर डाले, तो अर्शदीप ने इतने ही ओवर में 17 रन दिए. राणा का यह प्रदर्शन यह भी बताता है कि जब पिच धीमी मिलेगी, तो कैसे गेंदबाजी करनी है, इस पहलू पर उन्होंने काम करना होगा. बहरहाल, देखना होगा कि कोटे के पूरे 20 ओवर या मैच खत्म होने पर पांच गेंदबाजों को खिलाने का बड़ा फैसला कितना सही साबित होता है.
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