आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में मेजबानों के हाथों पहले मैच में मिली 34 रन के बाद भारतीयों के खराब प्रदर्शन की चर्चा है, वैभव सूर्यवंशी (Vaibahv Sooryavanshi) को न खिलाने पर शोर है, तो इसी बीच ऑयरलैंड के भारतीय मूल के लेफ्टी पेसर जय मूंदरा (Jai Moondra) को भी जमकर वाहवाही मिल रही है. जय मूंदरा अपने रनअप की शुरुआत में भीतर के शोर को शांत करने और अपनी लय पर भरोसा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन एक बार दौड़ते ही सब कुछ स्वाभाविक हो गया और उनके लिये पहली गेंद पर विकेट लेना अविश्वसनीय अनुभव रहा. मूंदड़ा का असाधारण सफर किसी भी तरह से पारंपरिक या आसान नहीं रहा है.
स्वप्न सरीखी शुरुआत
राजस्थान के टोंक से आने वाले बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज मूंदड़ा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने करियर की स्वप्निल शुरुआत की. बेलफास्ट में शुक्रवार को खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने आयरलैंड की ओर से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली ही गेंद पर भारत के दिग्गज संजू सैमसन को बोल्ड कर टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई. मूंदरा के लिए यह विकेट केवल एक प्रतिष्ठित बल्लेबाज का विकेट नहीं था, बल्कि उससे कहीं अधिक भावनात्मक और व्यक्तिगत महत्व रखता था. यह उस साहसिक निर्णय की पुष्टि थी, जिसमें उन्होंने एक सुरक्षित कॉरपोरेट करियर को छोड़कर अपने क्रिकेट के सपने को पूरी तरह नई दिशा देने का फैसला किया.
नौकरी के दौरान बना ली क्रिकेट से दूरी
वह जब 2021 में डबलिन पहुंचे थे और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ डबलिन' से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में एमटेक की पढ़ाई कर रहे थे. तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट उनके जीवन की प्राथमिकताओं में नहीं था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की और एक स्थिर पेशेवर जीवन की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी, लेकिन खेल उनसे पूरी तरह कभी दूर नहीं हुआ. दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि में उन्होंने अपनी गेंदबाजी शैली भी बदल दी थी और तेज गेंदबाज से बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में खुद को ढाल लिया था. साथ ही जरूरत पड़ने पर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी भी करते थे.

फिर क्रिकेट के लिए छोड़ दी नौकरी
क्रिकेट के उनके सफर में असली मोड़ 2024 में आया, जब उन्होंने कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहने के बाद डबलिन स्थित ‘लेइनस्टर क्रिकेट क्लब' से जुड़कर क्रिकेट को पूरी तरह अपनाने का फैसला किया. इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें कई तरह के त्याग भी करने पड़े. कई दिनों तक वे डबलिन से बेलफास्ट तक लंबा सफर तय कर सिर्फ अभ्यास सत्रों में हिस्सा लेने पहुंचते थे और देर रात वापस लौटकर फिर अगले दिन इसी दिनचर्या को दोहराते थे.
जोखिम मिला, तो मिला बड़ा इनामआयरलैंड के लिए पदार्पण करने के बाद मूंदरा ने ‘क्रिकेट आयरलैंड' से कहा, “बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में मेरा कोण मेरी सबसे बड़ी ताकत है. मैं नई गेंद से स्विंग का इस्तेमाल करने, पैड और स्टंप को निशाना बनाने और बल्लेबाज को लगातार असहज करने की कोशिश करता हूं. मेरी कोशिश होती है कि बल्लेबाज मुझे परखने में नाकाम रहे और मैं उनसे गलतियां करवा सकूं.' भारत के खिलाफ मुकाबले में उनकी यह सोच पूरी तरह रंग लाई और उनकी पहली ही गेंद पर भारत के टी20 विश्व कप के नायक संजू सैमसन आउट हो गए.
खत्म होने को है वर्क परमिट
हालांकि, आयरलैंड क्रिकेट के साथ उनका भविष्य अब भी अनिश्चित है क्योंकि उनका वर्क परमिट जल्द समाप्त हो रहा है और उनके पास केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है. ऐसे में वे केवल मैच फीस पर निर्भर हैं. इस प्रदर्शन ने हालांकि यह संकेत जरूर दे दिया है कि आयरलैंड को एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मिल सकता है, जो आने वाले समय में टीम का अहम हिस्सा बन सकता है.
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