भारत-इंग्लैंड के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज की शुरुआत बुधवार से होनी है. श्रेयस अय्यर एंड कंपनी आयरलैंड से 0-2 से मिली हार को भुलाकर इंग्लैंड के खिलाफ जीत के साथ अपने दौरे की शुरुआत करना चाहेगी. पहला टी20 चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा, जहां गेंदबाजों को मदद मिलती है. शाम के समय बारिश की संभावना है. ओवरकास्ट कंडीशन में तेज गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं. ऐसे में आज भारतीय बल्लेबाजी का टेस्ट होगा, जो पहले ही दवाब में हैं. घरेलू परिस्थितियों की बेहतर समझ, गेंदबाजों आक्रमण और बल्लेबाजों की फॉर्म को देखते हुए भारत के लिए जीत आसान नहीं होगी और आंकड़ें भी इसी की गवाही देते हैं कि इंग्लैंड को उसके घर पर हराना आसान भी नहीं है. लेकिन ओवरऑल आंकड़ों को देखें तो यहां पर जरूर भारत का पलड़ा भारी दिखता है.
कैसे है हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
बात अगर इंग्लैंड और भारत के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की करें तो दोनों देशों के बीच अभी तक 30 मैच हुए हैं. इस दौरान भारत ने 18 जबकि इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं. बात बीते पांच मैचों की करें तो भारत का रिकॉर्ड 4-1 का है.
ओवरऑल रिकॉर्ड में तो भारत आगे है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर पर रिकॉर्ड बराबरी का नजर आता है. दोनों के बीच हुए 9 मैचों में 5 इंग्लैंड ने जीते हैं जबकि 4 भारत ने.
ऐसा रहा है सीरीज का रिकॉर्ड
बात अगर सीरीज रिकॉर्ड की करें तो भारत-इंग्लैंड के बीच अभी तक 9 बाइलेट्रेल सीरीज हुई है. जिसमें 3 बार इंग्लैंड जीती है जबकि पांच बार भारत. साल 2017 के बाद से दोनों के बीच 3 या उससे अधिक मैचों की सीरीज हुई है और हर बार विजेता टीम इंडिया रही है.
नई शुरुआत करना चाहेगा भारत
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज 0-2 से गंवाने के बाद अय्यर एंड कंपनी के सामने कई सवाल हैं. यह दुनिया की सबसे मजबूत टी20 टीमों में से एक के खिलाफ खुद को फिर से साबित करने का मौका भी है.
आयरलैंड में मिली हार ने भारत की बैटिंग यूनिट को लेकर चिंता खड़ा कर दी है. विस्फोटक स्ट्रोक-मेकर्स से भरी लाइन-अप होने के बावजूद, मेहमान टीम दोनों मैचों में बड़ी साझेदारी बनाने या अहम मौकों पर फायदा उठाने में नाकाम रही. अब जब उनके सामने 5 मुकाबलों की लंबी सीरीज है, तो भारत उम्मीद करेगा कि पिछले झटके सबक के तौर पर काम आएं.
एक बार फिर सभी की निगाहें नए कप्तान श्रेयस अय्यर पर होंगी. भले ही अय्यर ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में शानदार कप्तान के तौर पर पहचान बनाई है, लेकिन विदेशी हालात में भारत की कप्तानी करना बिल्कुल अलग चुनौती है.
ऐसी हैं दोनों टीमें
भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई.
इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, सोनी बेकर, टॉम बैंटन (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेम्स कोल्स, जॉर्डन कॉक्स (विकेटकीपर), सैम करन, लियाम डॉसन, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, फिल साल्ट (विकेटकीपर), जोश टोंग, ल्यूक वुड.
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